Betul Dog Emotional Story: मध्य प्रदेश के बैतूल जिले से वफादारी और इंसान-पशु के अटूट रिश्ते की एक भावुक कर देने वाली कहानी सामने आई है. यहां एक पालतू डॉगी ने अपने मालिक के निधन का ऐसा सदमा लगा कि उसने भी कुछ ही देर बाद दम तोड़ दिया. दरअसल, बैतूल के सिविल लाइन क्षेत्र में रहने वाले 67 वर्षीय प्रदीप जैन पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे. इलाज के दौरान उनका निधन हो गया, जिससे पूरे परिवार में मातम छा गया. परिवार के लोग उनके जाने का गम में डूबा था कि 15 सालों से परिवार का हिस्सा रहे उनके पालतू डॉगी 'डुग्गू' ने भी अपने प्राण त्याग दिए.
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मालिक का शव देखकर बेचैन हुआ डुग्गू
परिजनों के मुताबिक, जैसे ही प्रदीप जैन का पार्थिव शरीर घर लाया गया, डुग्गू उनके पास से हटने का नाम नहीं ले रहा था. वह बार-बार अपने मालिक को छूने और उनके करीब जाने की कोशिश कर रहा था. पूरी रात वह बेचैन रहा, मानो उसे इस बात का पूरा आभास हो चुका था कि अब उसका सबसे प्रिय साथी हमेशा के लिए उसका साथ छोड़ चुका है.
अंतिम यात्रा में पीछे-पीछे चला और तोड़ दिया दम
अगले दिन जब प्रदीप जैन की अंतिम यात्रा निकाली गई, तो डुग्गू भी चुपचाप अर्थी के पीछे-पीछे चल पड़ा. उसने अपने मालिक की अर्थी की परिक्रमा की, अंतिम प्रणाम किया और कुछ दूर तक शवयात्रा के साथ आगे बढ़ा. लेकिन मालिक से बिछड़ने का यह भारी गम वह बर्दाश्त नहीं कर सका. चलते-चलते अचानक उसने भी दम तोड़ दिया. जिस डॉगी ने पूरी जिंदगी वफादारी निभाई, उसने अपने मालिक के आखिरी सफर में भी अकेले जाने नहीं दिया.
श्मशान घाट पर दी गई अंतिम विदाई
परिवार ने भी डुग्गू के इस अद्भुत प्रेम और समर्पण का पूरा सम्मान किया. एक तरफ जहां प्रदीप जैन का विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया गया, वहीं दूसरी तरफ श्मशान घाट परिसर के समीप ही डुग्गू को भी पूरे सम्मान के साथ दफनाया गया. इस भावुक कर देने वाले नजारे को देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें भर आईं.
बीमारी में भी था अनोखा कनेक्शन
परिजनों ने बताया कि प्रदीप जैन ने डुग्गू को बचपन से पाला था. दोनों का रिश्ता इतना गहरा था कि जब भी प्रदीप जैन बीमार पड़ते थे, डुग्गू भी बीमार हो जाता था, और उनके स्वस्थ होने पर वह भी चहकने लगता था. वह प्रदीप जैन के हाथों से ही भोजन ग्रहण करता था. इस अनोखे और आत्मिक रिश्ते के अंत ने बैतूल के लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि कभी-कभी जो संवेदनाएं इंसान नहीं दिखा पाते, वह एक मूक प्राणी कर दिखाता है.
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