शादी का ऐसा फ्रॉड! MP में 42 दूल्हों ने शादी के नाम पर दिए लाखों रुपए, लेकिन मंडप पर पहुंचे तो नजारा देख होश उड़ गए

देवास में अनाथ आश्रम की लड़कियों से शादी कराने का झांसा देकर 42 दूल्हों से लाखों रुपये की ठगी का अनोखा मामला सामने आया है. विवाह स्थल पर जब एक भी दुल्हन नहीं पहुंची, तो पूरा मामला खुला और पुलिस ने मुख्य आरोपी पति-पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है.

मध्य प्रदेश में शादी के फ्रॉड का मामला आया सामने
मध्य प्रदेश में शादी के फ्रॉड का मामला आया सामने

शकील खान

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मध्य प्रदेश के देवास जिले से धोखाधड़ी और ठगी का एक बेहद हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां अनाथ आश्रम की लड़कियों से शादी कराने का झांसा देकर करीब 42 युवकों से लाखों रुपए ऐंठ लिए गए. रविवार को जब 42 दूल्हे सेहरा सजाकर और अपने परिवारों को लेकर विवाह स्थल पर पहुंचे तो दिन भर इंतजार करने के बाद भी एक भी दुल्हन वहां नहीं आई. इसके बाद जब हकीकत सामने आई तो पीड़ितों के पैरों तले जमीन खिसक गई और शादी का माहौल हंगामे में बदल गया.

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फेसबुक-इंस्टाग्राम पर दिखाई लड़कियों की तस्वीरें 

जानकारी के मुताबिक, शमशाबाद निवासी मुकेश दास बैरागी और उसके भाई दिनेश दास बैरागी ने शाहजापुर, विदिशा, सीहोर और भोपाल सहित कई जिलों के कुंवारे युवकों को अपना शिकार बनाया था. आरोपियों ने इन युवकों को भरोसा दिलाया था कि वे अनाथ लड़कियों से उनकी शादी करवाएंगे. इसके बदले में हर युवक से शादी के खर्च और रजिस्ट्रेशन के नाम पर 15,000 रुपये से लेकर 25,000 रुपये तक वसूले गए थे.  विश्वास जीतने के लिए आरोपियों ने पीड़ितों को फेसबुक और इंस्टाग्राम पर लड़कियों की तस्वीरें भी भेजी थीं. पीड़ितों को सख्त हिदायत दी गई थी कि वे शादी में परिवार के केवल 2 से 3 सदस्यों को ही साथ लेकर आएं.

माता टेकरी के नीचे सजना था मंडप

आरोपियों ने सभी दूल्हों को बताया था कि 25 मई को देवास की प्रसिद्ध माताजी टेकरी के नीचे राधागंज स्थित क्लब ग्राउंड पर सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया जाएगा. इसी भरोसे में रविवार सुबह से ही दर्जनों दूल्हे अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ देवास पहुंच गए थे. लेकिन देर रात तक जब कोई दुल्हन या शादी का इंतजाम नहीं दिखा, तो पीड़ित युवकों और उनके परिजनों का सब्र टूट गया और उन्होंने मुख्य आरोपी मुकेश दास बैरागी को मौके पर ही घेर लिया

घिरने के बाद मुकेश खुद को बेकसूर बताते हुए कहने लगा कि उसके साथ भी धोखा हुआ है. मुकेश के मुताबिक, उसका भाई दिनेश दास बैरागी इंदौर में काम करता है और उसी ने अनाथ लड़कियों की शादी का यह आइडिया दिया था. मुकेश युवकों से पैसे वसूलकर अपने भाई दिनेश के खाते में ट्रांसफर करता रहा, लेकिन ऐन वक्त पर दिनेश अपना फोन बंद करके रफूचक्कर हो गया.

थाने पहुंचे दूल्हे, मुख्य आरोपी और पत्नी गिरफ्तार

हंगामे की सूचना मिलते ही बैंक नोट प्रेस (BNP) थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची. पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मुख्य आरोपी मुकेश दास बैरागी और उसकी पत्नी को हिरासत में ले लिया. इसके बाद बड़ी संख्या में पीड़ित दूल्हे और उनके रिश्तेदार भी थाने पहुंचे और टीआई (TI) प्रीति कटारे को पूरी आपबीती सुनाई. पुलिस ने पीड़ित अभिषेक की शिकायत पर तुरंत मामला दर्ज कर लिया है.

पुलिस का क्या है कहना?

देवास पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, बैंक नोट प्रेस थाने में इस धोखाधड़ी को लेकर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत केस दर्ज किया गया है. पुलिस ने मुख्य आरोपी मुकेश और उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसका भाई दिनेश फिलहाल फरार है जिसकी तलाश जारी है. पुलिस का कहना है कि आरोपी सोशल मीडिया के जरिए अनजान लड़कियों की फोटो दिखाकर लड़कों को जाल में फंसाते थे. इस ठगी के शिकार हुए अन्य राज्यों या जिलों के जो भी पीड़ित थाने आ रहे हैं, उन्हें भी इस केस की जांच में शामिल किया जा रहा है.  देवास में हुई इस अनोखी ठगी ने सोशल मीडिया और फर्जी मैरिज ब्यूरो के जरिए चल रहे संगठित फ्रॉड नेटवर्क की पोल खोल दी है. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं.

 

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