मंत्री और सांसदों को चुनाव आयोग ने दिया बड़ा झटका! कब हटेगा एग्जिट पोल पर लगा बैन? जानें

एमपी तक

23 Nov 2023 (अपडेटेड: Nov 23 2023 2:38 AM)

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों की वोटिंग खत्म हो चुकी है. वोटिंग के बाद अब प्रत्याशियों की किस्मत EVM में बंद हो चुकी है, और ये EVM भी अब स्ट्रांग रूम में रखी गई हैं.

Uncover inside story Ater assembly seat polling station re-voting mp election 2023
Uncover inside story Ater assembly seat polling station re-voting mp election 2023
Google CTA

MP Election Result 2023: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों की वोटिंग खत्म हो चुकी है. वोटिंग के बाद अब प्रत्याशियों की किस्मत EVM में बंद हो चुकी है, और ये EVM भी अब स्ट्रांग रूम में रखी गई हैं. जिसके बाहर सख्त पहरा दिया जा रहा है. कई जगह प्रत्याशियों के समर्थक भी स्ट्रांग रूम की पहरेदारी कर रहे हैं. तो वहीं निर्वाचन अधिकारी भी लगातार निरीक्षण कर रहे हैं. इसी के साथ अगर चुनावी रिजल्ट की बात करें तो चुनाव आयोग इसके लिए विशेष तैयारी की है. चुनाव आयोग की माने तो 30 नवंबर तक एग्जिट पोल पर पूरी तरह से बैन लगाया गया है. इसके बाद ही एग्जिट पोल रिलीज किए जाएंगे.

Read more!

एमपी के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने बीते दिनों जानकारी देते हुए बताया था कि मतगणना 3 दिसंबर को सुबह आठ बजे से शुरू होगी. जिसमें सबसे पहले पोस्टल बैलेट की गिनती की जाएगी. इसके बाद सुबह साढ़े आठ बजे से ईवीएम में दर्ज मतों की गणना शुरू होगी. मतगणना की पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष रखने के लिए स्ट्रांग रूम के बाहर सुरक्षा बलों की तैनाती भी रहेगी. इसके अलावा मतगणना परिसर में बिना पास के किसी को भी प्रवेश नहीं मिल सकेगा. पासधारी व्यक्तियों को भी गेट पर गहन तलाशी के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा. प्रत्याशियों के एजेंट भी बिना पास के अंदर नहीं जा सकेंगे. कुल मिलाकर मतगणना के दिन चुनाव आयोग किसी भी तरह ऐतियात नहीं बरतना चाहता है.

VIP एंट्री पर प्रतिबंध

चुनाव आयोग के अनुसार मतगणना केंद्रों में VIP लोगों को प्रवेश नहीं मिल सकेगा. राज्य के मंत्री हो या फिर केंद्र के मंत्री मतगणना केंद्रों में उन्हें प्रवेश नहीं दिया जाएगा. मंत्री, सांसद, विधायक और महापौर गणना एजेंट भी नहीं बन सकेगें. साथ ही शासकीय कर्मचारी भी पार्टियों के एजेंट नहीं बन सकते हैं. मंत्रीगण केवल उस स्थिति में ही मतगणना केन्द्रों में प्रवेश पा सकेंगे, जब वे खुद विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार हों. वे केवल उसी विधानसभा क्षेत्र के मतगणना कक्ष में प्रवेश कर सकेंगे, जहां से वे चुनाव लड़ रहे हैं. लेकिन ऐसी स्थिति में उनकी सुरक्षा के लिए तैनात सशस्त्र गार्डों को मतगणना केन्द्र के भीतर प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा.

ये भी पढ़ें: MP में हुआ बड़ा खेला, बीजेपी या कांग्रेस? किसके लिए ‘पनौती’ बना फलौदी सट्टा बाजार