मध्य प्रदेश में घरेलू गैस सिलेंडर की किल्लत की खबरों के बीच सरकार ने जनता को राहत देने के लिए एक विज्ञापन जारी किया, लेकिन एक तकनीकी चूक के कारण सरकार को सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सामना करना पड़ रहा है. दरअसल, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा जारी विज्ञापन में HP Gas (हिंदुस्तान पेट्रोलियम) की जगह मशहूर कंप्यूटर कंपनी HP (हेवलेट-पैकर्ड) का हेल्पलाइन नंबर छाप दिया गया.
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सरकार ने विज्ञापन के जरिए बताया कि राज्य के 11 बॉटलिंग प्लांटों में गैस का पर्याप्त स्टॉक है. इसी विज्ञापन में उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए कंपनियों के हेल्पलाइन नंबर दिए गए थे. जब लोगों ने एचपी गैस के लिए दिए गए नंबर 1800-258-7170 पर कॉल किया, तो वहां गैस रिफिल की जगह लैपटॉप, प्रिंटर और एआई पीसी (AI PC) से जुड़ी तकनीकी सहायता के विकल्प मिलने लगे.
क्या हुई गलती?
दरअसल, सरकार ने विज्ञापन में HP Gas (हिंदुस्तान पेट्रोलियम) का जो हेल्पलाइन नंबर दिया, वह असल में गैस एजेंसी का है ही नहीं. वह नंबर मशहूर कंप्यूटर कंपनी HP (हेवलेट-पैकर्ड) का है.
जब लोगों ने गैस की समस्या बताने के लिए उस नंबर पर फोन घुमाया, तो दूसरी तरफ से गैस रिफिल की जानकारी मिलने के बजाय लैपटॉप, प्रिंटर और कंप्यूटर ठीक कराने के विकल्प मिलने लगे.
अब सोशल मीडिया पर लोग जमकर मजे ले रहे हैं और पूछ रहे हैं कि क्या अब गैस चूल्हा खराब होने पर कंप्यूटर इंजीनियर घर आएगा?
विज्ञापन में और क्या है?
हालांकि, विज्ञापन में कुछ अहम जानकारी भी दी गई थी. जैसे कि अब उपभोक्ता पिछली रिफिल के कम से कम 25 दिन बाद ही अगली गैस बुकिंग कर सकेंगे. इसके अलावा, शैक्षणिक और चिकित्सा संस्थानों को कमर्शियल सिलेंडर के उपयोग की छूट दी गई है.
इस मामले के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ आ गई. लोग मजाक में कह रहे हैं कि अब गैस की समस्या पर कंप्यूटर इंजीनियर घर आएगा क्या?
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