गुना में 60 साल के बुजुर्ग के साथ लिव इन में रहना पड़ा भारी, ऐसा हुआ अंजाम कि अफसरों के होश उड़ गए !

मध्य प्रदेश के गुना में लिव-इन रिलेशनशिप, जमीन विवाद और सामाजिक बदनामी के चलते बेटे ने अपने साथियों के साथ मिलकर मां सहित तीन लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी. इस मामले में पुलिस की बड़ी लापरवाही भी सामने आई, जहां शिनाख्त में जल्दबाजी के कारण एक मृतक का शव किसी दूसरे परिवार को सौंपकर उसका अंतिम संस्कार करवा दिया गया.

गुना में महंगा पड़ा लिव इन में रहना
गुना में महंगा पड़ा लिव इन में रहना

आशुतोष शुक्ला

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मध्य प्रदेश के गुना जिले के मियाना थाना क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक बंद मकान से तीन सड़ी-गली लाशें मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में यह मामला सिर्फ एक मर्डर मिस्ट्री नहीं, बल्कि अवैध संबंधों, पारिवारिक बदनामी के डर, जमीन के विवाद और पुलिस प्रशासन की एक बड़ी लापरवाही का हैरान करने वाला कॉम्बिनेशन बनकर उभरा है.

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बदबू ने खोला खौफनाक राज

मियाना में हनुमान मंदिर के पास स्थित एक सूने मकान से जब दो दिन पहले तेज दुर्गंध आने लगी, तब स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जब मकान के एक कमरे का ताला तोड़ा, तो वहां एक बुजुर्ग की लाश सड़ी-गली हालत में मिली. शव की हालत इतनी खराब थी कि कपड़ों और हुलिए के आधार पर पुलिस ने उसे 60 वर्षीय ओम प्रकाश शर्मा का शव मान लिया. पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने जल्दबाजी में शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया.

कहानी में ट्विस्ट: दूसरे कमरे से मिलीं दो और लाशें

सोमवार को जब पुलिस और फॉरेंसिक (FSL) की टीम दोबारा तफ्तीश के लिए उसी मकान में दाखिल हुई, तो पास के एक और बंद कमरे से भारी बदबू आई. जब दूसरे कमरे का ताला तोड़ा गया, तो वहां का मंजर देखकर पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए. अंदर एक महिला और एक पुरुष की लाश पड़ी हुई थी.

महिला की पहचान बदरवास निवासी गेंदाबाई जाटव के रूप में हुई. लेकिन सबसे बड़ा झटका तब लगा जब दूसरे पुरुष के शव की शिनाख्त हुई. वह लाश किसी और की नहीं बल्कि असली ओम प्रकाश शर्मा की थी.

पुलिस की लापरवाही: किसी और के पिता को दे आए मुखाग्नि

इस बड़े खुलासे के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. असल में, जिस पहली लाश का अंतिम संस्कार ओम प्रकाश शर्मा समझकर किया गया था, वह रामकिशन जाटव की लाश थी. रामकिशन जाटव के बेटे सोनू जाटव ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस की जल्दबाजी और लापरवाही के कारण उनके पिता का शव दूसरे परिवार को सौंप दिया गया, जिससे वह अपने पिता को आखिरी बार देख भी नहीं पाए और न ही खुद अंतिम संस्कार कर सके.

क्यों किया गया यह तिहरा हत्याकांड?

गुना एसपी के मुताबिक, इस सनसनीखेज ट्रिपल मर्डर के पीछे अवैध संबंध, सामाजिक बदनामी का डर और जमीन का विवाद मुख्य वजह थी. मृतका गेंदाबाई जाटव पिछले लंबे समय से 60 साल के बुजुर्ग ओम प्रकाश शर्मा के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी.

गेंदाबाई के बेटे सीताराम और उसके मौसेरे भाई सुरेंद्र को यह रिश्ता बिल्कुल पसंद नहीं था. उन्हें लगता था कि इस रिश्ते की वजह से समाज में उनकी भारी बदनामी हो रही है (बदनामी के डर से सीताराम की पत्नी भी घर छोड़कर चली गई थी). इसके अलावा इनके बीच जमीन और प्लॉट को लेकर भी पुराना विवाद चल रहा था.

शराब पार्टी और फिर मर्डर

पुलिस के अनुसार, बीती 18 जून को इस खूनी खेल की साजिश रची गई. आरोपी और तीनों मृतक एक साथ बैठकर शराब पी रहे थे. नशे की हालत में इनके बीच विवाद इतना बढ़ा कि गेंदाबाई के बेटे सीताराम, मौसेरे भाई सुरेंद्र और उनके एक अन्य साथी ने मिलकर गेंदाबाई, ओम प्रकाश शर्मा और रामकिशन जाटव की गला घोटकर बेरहमी से हत्या कर दी. हत्या के बाद वे लाशों को अलग-अलग कमरों में बंद कर ताला लगाकर फरार हो गए.

पुलिस की कार्रवाई और वैज्ञानिक जांच

पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए महज 6 से 7 घंटे के भीतर इस तिहरे हत्याकांड का खुलासा करने का दावा किया है. मुख्य आरोपी सीताराम और सुरेंद्र समेत दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि तीसरे आरोपी की तलाश जारी है. मौत का सही समय जानने के लिए FSL और विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. साथ ही, वैज्ञानिक तौर पर पहचान की पुष्टि के लिए डीएनए (DNA) टेस्ट भी कराया जाएगा.

 

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