MP Lok Sabha Elections 2024: खरगोन में बंपर वोटिंग से BJP परेशान? क्या रहा मध्य प्रदेश का पूरा वोटिंग प्रतिशत, जानें

एमपी तक

• 08:52 AM • 14 May 2024

MP Lok Sabha Elections 2024: मध्य प्रदेश में लोकसभा चुनाव संपन्न हो चुका है. चार चरणों में हुए मतदान में मध्य प्रदेश में पिछले चुनाव की अपेक्षा इस बार वोटिंग प्रतिशत कम रहा है.

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MP Lok Sabha Elections 2024: मध्य प्रदेश में लोकसभा चुनाव संपन्न हो चुका है. चार चरणों में हुए मतदान में मध्य प्रदेश में पिछले चुनाव की अपेक्षा इस बार वोटिंग प्रतिशत कम रहा है. देश का सबसे स्वच्छ शहर इंदौर वोटिंग के मामले में बहुत पीछे रहा है. यहां अंतिम आंकड़ों के अनुसार महज 60 प्रतिशत वोटिंग हुई है. जबकि खरगोन में सबसे ज्यादा 75.79% मतदान हुआ है. मतदान के इस ट्रेंड ने बीजेपी को परेशान कर दिया है. मध्य प्रदेश की 29 सीटों पर चुनाव हो चुके हैं अब लोगों को 4 जून का इंतजार है. 4 जून को ही लोकसभा चुनाव का रिजल्ट घोषित होगा. 

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सोमवार सुबह सात बजे मतदान शुरू होने से पहले मतदान केंद्रों पर माकपोल किया गया. इसमें 14 मतदान केंद्रों पर वीवीपीएटी बदलने के साथ ही 10 ईवीएम भी बदलनी पड़ीं थीं. राऊ विधानसभा क्षेत्र में मतदान के दौरान एक ईवीएम खराब होने की सूचना मिली, जिसे तुरंत बदल दिया गया. मतदान के दौरान इंदौर लोकसभा क्षेत्र में कांग्रेस के कार्यकर्ता कहीं नजर नहीं आए. तो वहीं दूसरी तरफ कम मतदान के कारण बीजेपी भी कोई खास खुश नहीं है. 

 

 

कैसा रहा चौथे चरण का मतदान

चौथे चरण में 8 लोकसभा सीटों पर सोमवार शाम छह बजे मतदान समाप्त होने के बाद 71.72 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है,
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, खरगोन में सबसे ज्यादा 75.79 प्रतिशत मतदान हुआ, इसके बाद देवास में 74.86 प्रतिशत, मंदसौर में 74.5 प्रतिशत, उज्जैन में 73.03 प्रतिशत, धार में 71.5 प्रतिशत, खंडवा में 70.72 प्रतिशत और इंदौर में सबसे कम 60.53 प्रतिशत मतदान हुआ है. 

2019 में और 2024 के मतदान प्रतिशत में अंतर

बात की जाए अगर पिछले लोकसभा चुनाव की तो  2019 में मध्यप्रदेश की सभी 29 सीटों पर 71.16% वोटिंग हुई थी. तब मध्य प्रदेश में बीजेपी ने 28 और कांग्रेस ने 1 सीट हासिल की थी.  2024 के लोकसभा चुनाव में ये आंकड़ा 66.77 रहा है. जो 2019 के मुकाबले करीब 4.39% कम है. तो वहीं सबसे हाई प्रोफाइल सीट इंदौर में 2019 के मुकाबले 8-9 वोटिंग प्रतिशत गिरा है. यही कारण है जिससे बीजेपी टेंशन में है. ऐसा इसलिए क्योंकि बीजेपी ने अपनी जीत का टारगेट 11 लाख बनाया था. कम वोटिंग में ऐसा होता दिखाई नहीं दे रहा है. 

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