मध्य प्रदेश के खरगोन जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक घर में गूंज रही शहनाइयां अचानक चीख-पुकार में बदल गईं. कसरावद की रहने वाली एक युवती की हल्दी की रस्म के दौरान तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय उसने दम तोड़ दिया. आशंका जताई जा रही है कि बाजार से लाई गई मिलावटी हल्दी के रिएक्शन के कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ.
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हल्दी लगते ही बिगड़ने लगी हालत
परिजनों के मुताबिक, घर में शादी का माहौल था और ढोल-नगाड़ों के बीच हल्दी की रस्म निभाई जा रही थी. जैसे ही दुल्हन को हल्दी लगाई गई, उसके कुछ ही मिनटों बाद शरीर पर लाल चकत्ते उभरने लगे. देखते ही देखते चेहरा और होंठ सूज गए और उसे सांस लेने में भारी तकलीफ होने लगी. आनन-फानन में परिजन उसे खरगोन जिला अस्पताल ले गए जहां से उसे गंभीर हालत में इंदौर के एमवाई (MY) अस्पताल रेफर कर दिया गया.
इलाज के दौरान तोड़ा दम
इंदौर के अस्पताल में उपचार के दौरान स्थिति में थोड़ा सुधार हुआ था, लेकिन जब परिजन उसे एक निजी अस्पताल में ले जाने के लिए निकले, तो रास्ते में ही दुल्हन की मौत हो गई. एमवाई अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अशोक यादव ने बताया कि बाजार में बिकने वाली खुली हल्दी में अक्सर रंग चमकाने के लिए 'सिंथेटिक केमिकल' और 'मेटानिल येलो' जैसे जहरीले पदार्थ मिलाए जाते हैं. ये केमिकल शरीर के इम्यून सिस्टम पर हमला कर सांस रोकने तक की क्षमता रखते हैं.
खाद्य विभाग ने शुरू की जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए खाद्य विभाग की टीम अलर्ट हो गई है. विभाग ने कसरावद, खरगोन और बड़वाह सहित आसपास के इलाकों में छापेमारी कर हल्दी के सैंपल इकट्ठा किए हैं. अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों और मिलावट की पुष्टि हो सकेगी. फिलहाल, पुलिस और प्रशासन इस पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रहे हैं. इस घटना ने एक बार फिर खुले और बिना ब्रांड के मसालों में होने वाली मिलावट पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.
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