मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इन दिनों बेहद सख्त तेवर में नजर आ रहे हैं. रविवार को सीधी जिले के अचानक दौरे (सरप्राइज विजिट) पर पहुंचे मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अमले में उस वक्त हड़कंप मचा दिया, जब उन्होंने महज कुछ ही घंटों के भीतर जिले के कलेक्टर स्वरोचित सोमवंशी को पद से हटा दिया. इतना ही नहीं, गुना जिले के एसपी अंकित सोनी पर भी गाज गिरी है.
ADVERTISEMENT
बंद कमरे में क्या हुआ?
सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री जब सीधी के सर्किट हाउस पहुंचे, तो वहां स्थानीय जनप्रतिनिधियों और विधायक रीति पाठक ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर शिकायतों का पुलिंदा खोल दिया. बंद कमरे में हुई बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि अधिकारी उनकी सुनते नहीं हैं और विकास कार्यों में भारी लापरवाही बरती जा रही है. बताया जा रहा है कि कलेक्टर सोमवंशी को दो बार कमरे में तलब किया गया और शिकायतों पर संतोषजनक जवाब न मिलने पर सीएम का पारा चढ़ गया.
कलेक्टर और बैंक जीएम पर गाज
मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि "जनता के काम में कोताही बरतने वालों की जगह फील्ड में नहीं है." शाम होते-होते आदेश जारी हो गया और कलेक्टर सोमवंशी को हटाकर विकास मिश्रा (2013 बैच के आईएएस) को सीधी का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया. साथ ही, जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक पीएस धनवाल को भी निलंबित करने के निर्देश दिए गए.
गुना एसपी पर क्यों हुई कार्रवाई?
सीधी के साथ-साथ गुना जिले में भी बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ. गुना एसपी अंकित सोनी को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है. दरअसल, नेशनल हाईवे-46 पर चेकिंग के दौरान ₹1 करोड़ की नकदी पकड़ी गई थी, जिसमें ₹20 लाख की रिश्वत लेकर मामला रफा-दफा करने का सनसनीखेज आरोप सामने आया. डीजीपी और ग्वालियर रेंज के डीआईजी की जांच में मामला सही पाए जाने पर सीएम ने कड़ी कार्रवाई की. अब हितिका वसल गुना की नई एसपी होंगी.
नए कलेक्टर विकास मिश्रा की छवि
सीधी की कमान अब विकास मिश्रा के हाथों में है, जो इससे पहले मुख्यमंत्री सचिवालय में अपर सचिव जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे थे. प्रशासनिक हलकों में उन्हें एक सुलझे हुए और सक्रिय अधिकारी के रूप में जाना जाता है.
ये भी पढ़ें: MP Crime: डॉक्टर बना जल्लाद! पत्नी का गला घोंटा, फिर कार में जिंदा जलाया, वजह चौंकाने वाली
ADVERTISEMENT


