MP Weather: 28 सितंबर को बदलेगा मध्य प्रदेश का मौसम, इन जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट

न्यूज तक डेस्क

• 03:39 PM • 27 Sep 2026

मध्य प्रदेश में 28 सितंबर को कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है. मौसम विभाग ने 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी दी है.

बिहार में फिर लौटेगी झमाझम बारिश
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मध्य प्रदेश में सितंबर के आखिरी दिनों में मौसम का मिजाज बदला हुआ है. कई इलाकों में बारिश और गरज-चमक का दौर जारी है, जबकि कुछ हिस्सों में मौसम साफ रहने की संभावना है. मौसम विभाग के मुताबिक 28 सितंबर को प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की भी चेतावनी है.

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28 सितंबर को कैसा रहेगा मध्य प्रदेश का मौसम?

भारत मौसम विज्ञान विभाग के भोपाल केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार 28 सितंबर को मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में कहीं-कहीं बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर और नीमच समेत कई जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है.

इसके अलावा गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, सागर और पांढुर्णा में भी कुछ स्थानों पर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं.

इन जिलों में भी बारिश की संभावना

मौसम विभाग ने ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर में कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना जताई है. यानी 28 सितंबर को प्रदेश के बड़े हिस्से में मौसम पूरी तरह शुष्क रहने के बजाय बादल, बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं.

30 से 40 KM प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा. मौसम विभाग ने कई जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी दी है. यह चेतावनी भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, खंडवा, खरगोन, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, दतिया, मुरैना, रीवा, सतना, शहडोल, जबलपुर, सागर, छतरपुर समेत कई जिलों के लिए है.

मौसम विभाग ने लोगों को गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों में जाने से बचने और पेड़ या बिजली के खंभों के नीचे शरण नहीं लेने की सलाह दी है. तेज हवाओं के दौरान पेड़, बिजली के पोल और कमजोर ढांचों को नुकसान का खतरा भी बताया गया है.

भोपाल में कैसा रहेगा मौसम?

भोपाल और आसपास के इलाकों के लिए 28 सितंबर की सुबह 8:30 बजे तक का पूर्वानुमान जारी किया गया है. इसके मुताबिक आसमान मुख्य रूप से साफ रहने की संभावना है. यहां औसत हवा की रफ्तार 14 से 16 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है. अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. हालांकि प्रदेश के दूसरे हिस्सों में स्थानीय स्तर पर बादल, बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है.

किन जिलों में कितना तापमान दर्ज हुआ?

मौसम विभाग के 27 सितंबर के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान धार में 17.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इसके बाद नौगांव में 18.6 डिग्री, बैतूल और पचमढ़ी में 19.8 डिग्री, खंडवा और सीधी में 20 डिग्री तथा मलाजखंड में 20.1 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रहा.

वहीं सबसे अधिक न्यूनतम तापमान कल्याणपुर, शहडोल में 24.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ. खजुराहो में 23.8 डिग्री, अलीराजपुर में 23.6 डिग्री, बैरसिया, भोपाल में 23.3 डिग्री और नर्मदापुरम में 23.2 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रहा.

अधिकतम तापमान की बात करें तो खरगोन में प्रदेश का सबसे अधिक 32.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया. तालुन, बड़वानी, राजगढ़ और नर्मदापुरम में 32 डिग्री, उज्जैन में 31.5 डिग्री, गिरवर, शाजापुर और रतलाम में 31.2 डिग्री तथा खंडवा में 31.1 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा.

वहीं करौंदी, कटनी में अधिकतम तापमान 22.8 डिग्री, उमरिया में 23 डिग्री, नौगांव में 23.5 डिग्री, सतना में 23.7 डिग्री और मलाजखंड में 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.

पूर्वी मध्य प्रदेश में बढ़ेगा तापमान

मौसम विभाग ने अगले दौर में पूर्वी मध्य प्रदेश में दिन के तापमान में धीरे-धीरे 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी का अनुमान जताया है. इस बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की रेखा मध्य प्रदेश के आसपास के क्षेत्रों से होकर गुजर रही है. साथ ही मध्य उत्तर प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में बना कम दबाव का क्षेत्र उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है.