Madhya Pradesh Weather 30 July 2026: मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है. 30 जुलाई को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. खासकर रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट में कहीं-कहीं अति भारी बारिश हो सकती है. वहीं विदिशा, राजगढ़, शाजापुर समेत कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. मौसम विभाग के मुताबिक छत्तीसगढ़ की तरफ बना गहरा दबाव पश्चिम की ओर बढ़ रहा है और इसके पूर्वी मध्य प्रदेश से गुजरने की संभावना है. इसी सिस्टम के कारण प्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेज बनी रहेंगी.
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30 जुलाई को कैसा रहेगा मध्य प्रदेश का मौसम?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 30 जुलाई की सुबह तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, अनूपपुर, डिंडोरी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट और पांढुर्णा में अधिकांश स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है.
भोपाल, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, शहडोल, उमरिया, कटनी, दमोह और सागर में अनेक स्थानों पर बारिश होने की संभावना जताई गई है.
वहीं अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है.
इन 5 जिलों में अति भारी बारिश का खतरा
30 जुलाई को सबसे ज्यादा नजर रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट पर रहेगी. मौसम विभाग ने इन जिलों में कहीं-कहीं अति भारी बारिश के साथ गरज-चमक, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवा चलने की आशंका जताई है.
इसके अलावा विदिशा, राजगढ़ और शाजापुर में कहीं-कहीं भारी बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है. सीहोर, बैतूल, हरदा, देवास, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, दमोह, सागर और पांढुर्णा में भी कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी है.
पूर्वी मध्य प्रदेश में फ्लैश फ्लड का भी खतरा
लगातार और भारी बारिश के बीच पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में अचानक बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड का खतरा भी बढ़ गया है. 30 जुलाई को सुबह 11:30 बजे तक अनूपपुर, बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडोरी, जबलपुर, कटनी, मंडला, नरसिंहपुर, निवाड़ी, सागर, सिंगरौली और टीकमगढ़ के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों में कम से मध्यम स्तर के फ्लैश फ्लड का जोखिम बताया गया है. निचले इलाकों में पानी भरने और सतही जल बहाव बढ़ने की आशंका भी है.
क्यों हो रही है मध्य प्रदेश में इतनी बारिश?
बारिश की बड़ी वजह एक मजबूत मौसमी सिस्टम है. मौसम विभाग के अनुसार उत्तर आंतरिक ओडिशा, दक्षिण झारखंड और छत्तीसगढ़ से जुड़ा डीप डिप्रेशन यानी गहरा दबाव पश्चिम की तरफ बढ़ रहा है. 29 जुलाई की सुबह यह मध्य छत्तीसगढ़ और उससे लगे उत्तर आंतरिक ओडिशा पर केंद्रित था. इसके अगले 24 घंटे में छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश से होते हुए पश्चिम की तरफ आगे बढ़ने की संभावना जताई गई.
इसके साथ ही मानसून ट्रफ श्रीगंगानगर, भिवानी, ग्वालियर और सीधी से होते हुए इस सिस्टम के केंद्र तक गुजर रही है. मध्य भारत के ऊपर पूर्व-पश्चिम दिशा में एक शियर जोन भी सक्रिय है. इन मौसमी परिस्थितियों से मध्य प्रदेश में बारिश को मजबूती मिल रही है.
30 जुलाई को भोपाल में 29 डिग्री तक रह सकता है तापमान
राजधानी भोपाल में 30 जुलाई की सुबह तक आसमान सामान्य रूप से बादलों से घिरा रहने का अनुमान है. गरज-चमक और बारिश भी हो सकती है. मौसम विभाग ने भोपाल में अधिकतम तापमान करीब 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने का पूर्वानुमान दिया है. हवा की औसत रफ्तार 16 से 18 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है.
मध्य प्रदेश में कहां कितना तापमान?
29 जुलाई को उपलब्ध ताजा तापमान रिकॉर्ड में प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान निवाड़ी जिले के पृथ्वीपुर में 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ. दतिया और ग्वालियर में पारा 37 डिग्री, सतना के चित्रकूट और छतरपुर के खजुराहो में 36 डिग्री, नौगांव में 35.6 डिग्री और टीकमगढ़ में 35.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
दूसरी तरफ बारिश वाले क्षेत्रों में दिन का तापमान काफी कम रहा. बैतूल में अधिकतम तापमान 26.8 डिग्री, इंदौर में 27.5 डिग्री, धार में 27.7 डिग्री, शाजापुर के गिरवर में 27.9 डिग्री और अनूपपुर के अमरकंटक में 28.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ.
न्यूनतम तापमान की बात करें तो खंडवा और खरगोन में 19 डिग्री, नर्मदापुरम के पचमढ़ी में 20.2 डिग्री, धार में 21.6 डिग्री, अनूपपुर के अमरकंटक में 22 डिग्री और दतिया व बैतूल में 22.2 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया. इसके विपरीत ग्वालियर में न्यूनतम तापमान 27 डिग्री, सतना के चित्रकूट में 26.8 डिग्री, बड़वानी के तालुन में 26.7 डिग्री, निवाड़ी के पृथ्वीपुर और श्योपुर में 26 डिग्री तथा सतना में 25.9 डिग्री सेल्सियस रहा.
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले तीन दिनों में प्रदेश के तापमान में धीरे-धीरे 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है. इसके बाद तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है.
रहली में 162 मिमी से ज्यादा बारिश
पिछले 24 घंटे के दौरान मध्य प्रदेश के कई इलाकों में मूसलाधार बारिश हुई है. रहली में सबसे ज्यादा 162.2 मिमी, बालाघाट में 145 मिमी और वारासिवनी में 137.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई. करेरा में 115 मिमी, भितरवार में 97 मिमी, कुंडम में 80.8 मिमी और परसवाड़ा में 78.4 मिमी बारिश हुई.
प्रदेश के रीवा, जबलपुर और शहडोल संभागों में पिछले 24 घंटे में अधिकांश स्थानों पर बारिश हुई. नर्मदापुरम, ग्वालियर और सागर संभाग में अनेक स्थानों पर, जबकि भोपाल, इंदौर और चंबल संभाग में कुछ स्थानों पर पानी बरसा. उज्जैन संभाग में कहीं-कहीं बारिश दर्ज की गई.
30 जुलाई तक सामान्य से ज्यादा बारिश के संकेत
मौसम विभाग के दूसरे साप्ताहिक पूर्वानुमान में भी 24 से 30 जुलाई के दौरान मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश सामान्य से अधिक से सामान्य रहने की संभावना जताई गई थी. केवल प्रदेश के सुदूर पश्चिमी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में बारिश सामान्य रहने का अनुमान था. इसी अवधि में उत्तरी मध्य प्रदेश के अंतिम छोर पर अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर और बाकी प्रदेश में सामान्य रहने की संभावना बताई गई थी. न्यूनतम तापमान पूरे प्रदेश में सामान्य रहने का अनुमान था.
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