मध्य प्रदेश में अगस्त के आखिरी दिन मौसम पूरी तरह शांत रहने वाला नहीं है. 31 अगस्त को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है. मौसम विभाग ने कुछ जिलों में अनेक स्थानों पर बारिश, जबकि कई इलाकों में कहीं-कहीं बौछारों का अनुमान जताया है. इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं भी चल सकती हैं.
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मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक, 30 अगस्त को उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे लगे पश्चिम बंगाल तथा उत्तर ओडिशा के तट पर बना निम्न दबाव का क्षेत्र अच्छी तरह चिह्नित निम्न दबाव क्षेत्र में बदल गया है. इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण काफी ऊंचाई तक फैला है. इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है.
ऐसे में 31 अगस्त को मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बारिश की गतिविधियां ज्यादा रह सकती हैं. पश्चिमी हिस्से में भी कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं.
31 अगस्त को मध्य प्रदेश में कैसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग के 31 अगस्त के पूर्वानुमान के मुताबिक, प्रदेश में बारिश का प्रभाव एक जैसा नहीं रहेगा. सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना और मैहर में अनेक स्थानों पर बारिश हो सकती है.
नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और पांढुर्णा में कुछ स्थानों पर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है.
वहीं भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना और श्योपुर में कहीं-कहीं बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं.
इन जिलों में भारी बारिश का खतरा
31 अगस्त को बारिश के लिहाज से पूर्वी मध्य प्रदेश ज्यादा सक्रिय रह सकता है. मौसम विभाग ने सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, सिवनी, मंडला, बालाघाट और पन्ना में कहीं-कहीं भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है.
मौसम विभाग के बुलेटिन में मैहर में अति भारी बारिश और शहडोल, पन्ना तथा रीवा में भारी बारिश की संभावना भी बताई गई है. इसके अलावा ग्वालियर में 33, दतिया में 30, सतना में 31, सागर में 31 और छिंदवाड़ा में 31 किलोमीटर प्रति घंटे की झोंकेदार हवा दर्ज की गई थी.
भोपाल में 28 डिग्री रहेगा अधिकतम तापमान
राजधानी भोपाल और आसपास के इलाकों में 31 अगस्त की सुबह 8:30 बजे तक मौसम सामान्यतः बादल छाए रहने वाला रहेगा. गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है. औसत हवा की रफ्तार 14 से 16 किलोमीटर प्रति घंटे रहने का अनुमान है. भोपाल में अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है.
30 अगस्त की सुबह 8:30 बजे तक भोपाल में पिछले 24 घंटे का अधिकतम तापमान 28.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ.
अभी किन जिलों में कितना तापमान दर्ज हुआ
मौसम विभाग की 30 अगस्त की दैनिक रिपोर्ट में सभी जिलों के 31 अगस्त के अलग-अलग तापमान का पूर्वानुमान जारी नहीं किया गया है. रिपोर्ट में राज्य के सबसे कम और सबसे अधिक तापमान वाले प्रमुख शहरों का विवरण दिया गया है. इसलिए 31 अगस्त की खबर में इन्हें संबंधित जिलों के हालिया तापमान के तौर पर देखना सही रहेगा.
पचमढ़ी, नर्मदापुरम में न्यूनतम तापमान 19.8 डिग्री सेल्सियस रहा. खंडवा में 20 डिग्री, धार में 20.3 डिग्री, खरगोन में 20.8 डिग्री और बैतूल में 21.2 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज हुआ.
दूसरी ओर ग्वालियर में न्यूनतम तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस रहा. बड़वानी के तालुन में 26.3 डिग्री, सतना के चित्रकूट में 25.3 डिग्री, खजुराहो और दतिया में 25.2 डिग्री तथा टीकमगढ़ में 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
अधिकतम तापमान की बात करें तो ग्वालियर सबसे गर्म रहा. यहां 34.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ. दतिया में अधिकतम तापमान 33 डिग्री, बड़वानी के तालुन में 32.2 डिग्री, शिवपुरी में 32 डिग्री और श्योपुर में 31.6 डिग्री सेल्सियस रहा.
सबसे कम अधिकतम तापमान पचमढ़ी में 23.8 डिग्री सेल्सियस रहा. बैतूल में 24.2 डिग्री, मलाजखंड में 24.8 डिग्री, सिवनी में 25.4 डिग्री और सतना में 25.9 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया.
यानी 31 अगस्त को तापमान के लिहाज से उत्तर और उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में गर्मी ज्यादा महसूस हो सकती है, जबकि बारिश वाले पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी इलाकों में मौसम अपेक्षाकृत ठंडा रह सकता है.
बारिश का नया दौर क्यों आया
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र और उससे जुड़ी मौसम प्रणालियां मध्य भारत के मौसम को प्रभावित कर रही हैं. मानसून ट्रफ भी सक्रिय है और एक ट्रफ निम्न दबाव क्षेत्र से झारखंड और बिहार होते हुए उत्तर-पूर्वी उत्तर प्रदेश तक बनी हुई है. इन प्रणालियों के कारण मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं.
साप्ताहिक रिपोर्ट भी बताती है कि 28 अगस्त से 3 सितंबर के दौरान पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश सामान्य से सामान्य से अधिक रहने की संभावना है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश सामान्य रहने का अनुमान है. इस अवधि में राज्य के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य रहने की संभावना है.
सितंबर की शुरुआत में और बढ़ सकती है बारिश
मौसम विभाग के विस्तारित पूर्वानुमान में 31 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का असर बने रहने का संकेत है. इसके बाद 1 और 2 सितंबर को भी बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं. 3 सितंबर से प्रदेश में बारिश का दायरा और बढ़ने का अनुमान है.
इसका मतलब है कि अगस्त खत्म होते ही मध्य प्रदेश में मानसून कमजोर पड़ने के बजाय कई हिस्सों में सक्रिय बना रह सकता है. खासकर पूर्वी जिलों में लोगों को बारिश, बिजली और तेज हवाओं को लेकर सतर्क रहना होगा.
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