मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय है. प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है. बीते सात दिनों में मध्य प्रदेश में करीब 4.2 इंच बारिश दर्ज की गई है. इसके साथ ही इस मानसून सीजन में अब तक प्रदेश में करीब 21 इंच बारिश हो चुकी है. हालांकि कुल बारिश अभी भी सामान्य से 12 फीसदी कम है. मौसम विभाग ने आने वाले सप्ताह में भी प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश की संभावना जताई है.
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सात दिन में 4.2 इंच बारिश
अगस्त के दूसरे सप्ताह में मानसूनी ट्रफ, डिप्रेशन और लो प्रेशर एरिया सक्रिय रहे. इसका असर मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में देखने को मिला. खासकर पश्चिमी मध्य प्रदेश में अच्छी बारिश हुई. बीते सात दिनों में करीब 4.2 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई.
भोपाल संभाग बारिश के मामले में सबसे आगे रहा. राजधानी भोपाल में बारिश के बाद कई सड़कें जलमग्न हो गईं. पुराने और नए भोपाल में दो दिनों के भीतर करीब 8 इंच बारिश दर्ज की गई. निचले इलाकों में जलभराव से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा.
सीहोर में उफान पर आई कोलास नदी
लगातार बारिश का असर सीहोर में भी दिखाई दिया. बारिश के बाद कोलास नदी उफान पर आ गई. नदी का पानी बड़े तालाब में पहुंचा. इससे भोपाल के बड़े तालाब का जलस्तर तेजी से बढ़ा है. तालाब अब अपने फुल टैंक लेवल से करीब डेढ़ फीट ही नीचे है.
कई बड़े बांधों में बढ़ा जलस्तर
लगातार बारिश से कोलार डैम, बाणसागर डैम, कुंडलिया, बरना, ओंकारेश्वर, इंदिरा सागर, गांधी सागर और तिघरा समेत कई बांधों में पानी बढ़ रहा है. जलाशयों में बढ़ता जलस्तर प्रदेश के लिए राहत की खबर है.
अगर आने वाले दिनों में बारिश का दौर इसी तरह जारी रहा तो प्रदेश के जलाशयों की स्थिति और बेहतर हो सकती है. इसका फायदा पेयजल और सिंचाई व्यवस्था को भी मिल सकता है.
पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की कमी
हालांकि प्रदेश के सभी हिस्सों में मानसून एक जैसा नहीं रहा है. पूर्वी मध्य प्रदेश के कई इलाकों में अभी भी बारिश की कमी बनी हुई है. जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश का आंकड़ा सामान्य से करीब 19 फीसदी तक कम बताया गया है.
बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडोरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सतना, सागर, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया में भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है. इन जिलों में बारिश की कमी करीब 2 से 54 फीसदी तक बताई गई है.
पश्चिमी मध्य प्रदेश के भी कई जिलों में बारिश सामान्य से कम रही. आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई है. इन इलाकों में बारिश की कमी करीब 48 फीसदी तक बताई गई है.
इन जिलों में मानसून मेहरबान
दूसरी तरफ कुछ जिलों में बारिश ने सामान्य आंकड़े को पीछे छोड़ दिया है. भोपाल के अलावा गुना, सीहोर, राजगढ़, ग्वालियर, अनूपपुर, भिंड, बुरहानपुर, देवास, बड़वानी, खंडवा और खरगोन में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है.
इस तरह प्रदेश में मानसून की तस्वीर मिली-जुली बनी हुई है. कुछ जिलों में बारिश की कमी है, जबकि कई इलाकों में सामान्य से ज्यादा बारिश हो चुकी है.
अगले सप्ताह कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में एक मजबूत सिस्टम सक्रिय है. इसके प्रभाव से जबलपुर, सागर, शहडोल और रीवा संभाग में तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है.
भोपाल, नर्मदापुरम और ग्वालियर-चंबल संभाग में भी इस सिस्टम का असर देखने को मिल सकता है. ऐसे में प्रदेश के कई हिस्सों में अगले सप्ताह भी बारिश का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है.
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