मध्य प्रदेश में अब धीरे-धीरे गर्मी का असर बढ़ने लगा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग के भोपाल स्थित मौसम केंद्र के ताजा बुलेटिन के अनुसार 12 मार्च को प्रदेश के अधिकांश जिलों में मौसम साफ रहने की संभावना है. दिन में तेज धूप निकलने से तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है, जबकि सुबह और रात के समय हल्की ठंडक बनी रह सकती है.
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मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के लगभग सभी संभागों में मौसम शुष्क रहा. अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव दर्ज नहीं हुआ, हालांकि कई संभागों में तापमान सामान्य से अधिक रहा है.
पिछले 24 घंटे में कितना रहा तापमान?
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान धार में 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इसके अलावा सागर में लगभग 38.9 डिग्री, नर्मदापुरम में करीब 38.8 डिग्री, रतलाम में 38.8 डिग्री और सीहोर जिले के भैरूंदा क्षेत्र में करीब 38.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया.
वहीं कम अधिकतम तापमान वाले स्थानों में नर्मदापुरम जिले के पचमढ़ी में करीब 32.2 डिग्री, अनूपपुर के अमरकंटक में लगभग 32.6 डिग्री, सतना के चित्रकूट में करीब 33.6 डिग्री, कटनी के करौंदी क्षेत्र में करीब 34.1 डिग्री और रीवा में लगभग 34.2 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज हुआ.
न्यूनतम तापमान की बात करें तो प्रदेश में सबसे कम तापमान सतना जिले के चित्रकूट में करीब 9.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. कटनी के करौंदी क्षेत्र में लगभग 11.6 डिग्री, शाजापुर के गिरवर में करीब 12.2 डिग्री, मंदसौर में लगभग 12.3 डिग्री और नर्मदापुरम के पचमढ़ी में करीब 12.8 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज हुआ.
रात में भी बढ़ने लगा तापमान!
दूसरी ओर कुछ जिलों में रात का तापमान अपेक्षाकृत अधिक रहा. आगर में लगभग 21.9 डिग्री, सिवनी में करीब 21.4 डिग्री, देवास के कन्नौद क्षेत्र में लगभग 20.8 डिग्री, सागर में करीब 20.6 डिग्री और अनूपपुर के अमरकंटक में लगभग 20.3 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया.
आगामी दिनों में कैसा रहेगा मौसम!
मौसम विभाग के अनुसार 12 मार्च को प्रदेश के सभी जिलों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है और किसी भी जिले में बारिश या आंधी की चेतावनी जारी नहीं की गई है. दिन में तेज धूप के कारण तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है.
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल पश्चिमी विक्षोभ और ऊपरी वायु परिसंचरण जैसी मौसमी प्रणालियों का असर उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में बना हुआ है, लेकिन मध्य प्रदेश में इसका विशेष प्रभाव नहीं पड़ेगा.
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