MP Weather Today: मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी का कहर जारी है और आने वाले दिनों में सूरज के तेवर और कड़े होने वाले हैं. मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के कई हिस्सों में लू (Heat Wave) का प्रभाव देखा जा रहा है. विशेष रूप से धार और रतलाम जैसे जिलों में गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ना शुरू कर दिया है, जहां तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है.
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14 मई को कैसा रहेगा मौसम?
14 मई को मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है. हालांकि, गर्मी से राहत मिलने के आसार कम हैं. मौसम केंद्र भोपाल की रिपोर्ट के मुताबिक, आगामी 5 दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की और क्रमिक वृद्धि हो सकती है.
इसका सीधा मतलब है कि 14 मई को प्रदेश के कई जिलों में पारा और ऊपर चढ़ेगा. विशेष रूप से इंदौर और उज्जैन संभागों में तापमान सामान्य से 2.5 डिग्री सेल्सियस तक अधिक बना हुआ है, जो आगे भी जारी रह सकता है .
प्रमुख शहरों और जिलों का तापमान
रतलाम: यहां प्रदेश का सर्वाधिक तापमान 45.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है.
तालुन (बड़वानी): यहां भी भीषण गर्मी का प्रकोप है और पारा 44.2 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुँचा है.
धार: इस जिले में लू के साथ तापमान 44.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है.
इंदौर: आर्थिक राजधानी में भी गर्मी का सितम जारी है, यहाँ तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस है
उज्जैन: बाबा महाकाल की नगरी में पारा 43.0 डिग्री सेल्सियस के स्तर पर है.
भोपाल: राजधानी में अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसके 14 मई तक 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है.
दूसरी ओर, पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 19.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जो प्रदेश में सबसे कम है, लेकिन दिन के समय वहां भी तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है.
लू की चेतावनी और बचाव के उपाय
मौसम विभाग ने अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम और उज्जैन जैसे जिलों में कहीं-कहीं लू (Heat Wave) चलने की संभावना जताई है. आम जनता को सलाह दी गई है कि वे दोपहर 12 से 3 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें. पर्याप्त पानी पीना, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनना और ओआरएस या नींबू पानी जैसे पेय पदार्थों का सेवन करना इस मौसम में बेहद जरूरी है.
किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों और पशुओं को गर्मी के तनाव से बचाने के लिए सुबह या शाम के समय सिंचाई करें और जानवरों को छायादार स्थानों पर रखें.
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