MP में आसमान से बरस रही आग: खजुराहो-नौगांव सबसे गर्म, मौसम विभाग ने जारी किया नया अलर्ट

मध्य प्रदेश में नौतपा के कारण भीषण गर्मी का दौर जारी है. खजुराहो में पारा 46.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है. मौसम विभाग ने 28 मई को कई जिलों में तीव्र लू और कुछ जगहों पर आंधी-बारिश का डबल अलर्ट जारी किया है. हालांकि, दो दिन बाद तापमान में गिरावट होने की उम्मीद है.

MP Weather
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न्यूज तक डेस्क

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MP Weather: मध्य प्रदेश में इस समय नौतपा के चलते सूरज के तेवर बेहद तल्ख हो गए हैं. भीषण गर्मी ने आम लोगों का जीना मुहाल कर दिया है. मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक, पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य का मौसम पूरी तरह सूखा रहा. इस वजह से ज्यादातर शहरों में दिन और रात का तापमान सामान्य से काफी ऊपर चल रहा है. मौसम विभाग ने 28 मई को राज्य के कई हिस्सों में गंभीर लू चलने और कुछ जिलों में धूल भरी आंधी के साथ आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है. राहत की बात बस इतनी है कि अगले दो दिनों के बाद अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की कमी आ सकती है.

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बुंदेलखंड में सबसे ज्यादा आफत, खजुराहो सबसे गर्म

राज्य का बुंदेलखंड और बघेलखंड इलाका इस समय सबसे ज्यादा तप रहा है. छतरपुर जिले का मशहूर पर्यटन स्थल खजुराहो बीते दिन पूरे प्रदेश में सबसे गर्म स्थान रहा. यहां का अधिकतम तापमान 46.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. वहीं, छतरपुर के ही नौगांव में पारा 45.6 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा. भीषण तपन के कारण सतना, खजुराहो, नौगांव, टीकमगढ़, दमोह और दतिया जिलों में लोग भयंकर लू से परेशान रहे. उधर, छिंदवाड़ा जिले में रात के समय भी राहत नहीं मिली और वहां 'वार्म नाइट' यानी गर्म रात का असर देखा गया.

आपके शहर के तापमान का पूरा हाल

मौसम विभाग के नए आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश के अलग-अलग शहरों में पारा रिकॉर्ड स्तर पर बना हुआ है. दिन के तापमान को देखें तो खजुराहो में 46.4 डिग्री, नौगांव में 45.6 डिग्री, भोपाल के बैरसिया और दतिया में 45.2 डिग्री सेल्सियस पारा रहा. इसके अलावा सतना, टीकमगढ़ और दमोह में तापमान 45.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जबकि विदिशा और रीवा में पारा 44.8 डिग्री सेल्सियस रहा.

दूसरी तरफ, पहाड़ी और हरे-भरे इलाकों में गर्मी से थोड़ी राहत है. नर्मदापुरम का पचमढ़ी सबसे ठंडा इलाका रहा, जहां अधिकतम तापमान 36.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 19.8 डिग्री सेल्सियस मापा गया. इसके साथ ही अमरकंटक में 38.2 डिग्री, मंदसौर में 39.2 डिग्री, नीमच के मरुखेड़ा में 39.8 डिग्री और आगरमालवा में 40.0 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा.

रात के पारे की बात करें तो गुना में सबसे गर्म रात रही, जहां न्यूनतम तापमान 31.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ. अशोकनगर के आंवरी और रायसेन में रात का तापमान 31.0 डिग्री, राजगढ़ में 30.6 डिग्री, विदिशा में 30.5 डिग्री और राजगढ़ के दूसरे हिस्सों में 30.4 डिग्री सेल्सियस रहा. रात के समय राहत वाले शहरों में पचमढ़ी के अलावा कटनी का करौंदी 23.5 डिग्री, खंडवा 24.4 डिग्री, शहडोल का कल्याणपुर 24.6 डिग्री और खरगौन 24.8 डिग्री सेल्सियस रहा. राजधानी भोपाल में अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.

28 मई को कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर प्रदेश के मध्य हिस्से और उत्तर-पश्चिम ओडिशा के ऊपर हवा का एक चक्रवात (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) बना हुआ है. इसके साथ ही उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय हो रहा है. इन दोनों सिस्टम की वजह से 28 मई को मध्य प्रदेश में दोहरा मौसम दिखेगा.

इन जिलों में तीव्र लू

एक तरफ सतना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में 'तीव्र लू' का कहर रहेगा. वहीं दूसरी तरफ छिंदवाड़ा, बालाघाट, सिंगरौली, सीधी और मऊगंज जिलों में तेज गर्मी के साथ-साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने और बिजली गिरने की आशंका है. दतिया में तेज लू के साथ रात भी गर्म रहेगी.

भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, रतलाम, उज्जैन, शाजापुर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, मुरैना, श्योपुरकलां, अनूपपुर और डिंडोरी में सामान्य लू चलेगी. सिवनी और पांढुर्णा में तेज हवाओं के साथ आंधी का अनुमान है. सिंगरौली, सीधी, मऊगंज, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट और पांढुर्णा में कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी या गरज-चमक हो सकती है.

किसानों के लिए जरूरी गाइडलाइन

भीषण गर्मी को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर 12 से 3 बजे के बीच घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है. शरीर में पानी की कमी न होने दें. इसके लिए नींबू पानी, लस्सी, छाछ या आम का पन्ना पीते रहें और ढीले सूती कपड़े पहनें.

किसानों के लिए सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों को गर्मी से बचाने के लिए सुबह या शाम के वक्त हल्की सिंचाई करें. पशुपालक अपने मवेशियों को दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर न ले जाएं. उनके रहने के स्थान को हवादार रखें और दिन में 3 से 4 बार साफ और ठंडा पानी पिलाएं.

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