MP Weather Update: मध्य प्रदेश में मौसम में लगातार उतार चढ़ाव देखने काे मिल रहा है. मौसम विभाग के अनुसार साइक्लोन सर्कुलेशन और एक नए पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने की प्रदेश के कई इलाकों में आंधी-बारिश की स्थिति बनी हुई है. मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक, 4 जून के प्रदेश में कई इलाकों में गरज चमक के साथ तेज हवाएं चलने और बौछारें के पड़ने का अनुमान जताया गया है. ऐसे में यहां लोगों को भीषण तपिश से थोड़ी राहत तो मिल सकती है.
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मध्य प्रदेश में 4 जून को कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार, 4 जून को राज्य के अधिकांश जिलों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे. उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश से लेकर तमिलनाडु तक मध्य प्रदेश से होकर गुजर रही एक ट्रफ लाइन की वजह से प्रदेश के बड़े हिस्से में प्री-मानसून गतिविधियां देखने को मिलेंगी. राजधानी भोपाल और इसके आसपास के इलाकों में दोपहर के बाद गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है. इस दौरान 12 से 14 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं.
मध्य प्रदेश में 4 जून को अलर्ट वाले जिलों के नाम
मौसम केंद्र भोपाल ने 4 जून की सुबह तक के लिए प्रदेश के कई जिलों में बादलों की गड़गड़ाहट, आकाशीय बिजली के चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने का यलो अलर्ट जारी किया है. इन जिलों में भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और पांढुर्णा शामिल हैं. इन सभी जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की भी चेतावनी दी गई है.
आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश के मौसम का हाल
मौसम विभाग के आउटलुक के अनुसार, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर सहित प्रदेश के अधिकांश जिलों में आगामी 4 दिनों तक अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा. हालांकि, इसके बाद तापमान में धीरे-धीरे 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिससे जून के दूसरे सप्ताह में गर्मी का असर एक बार फिर बढ़ सकता है. दक्षिण-पश्चिम मानसून के भी 4 जून के आसपास केरल और तमिलनाडु के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं.
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