MP Weather: मध्य प्रदेश में मार्च के महीने में गर्मी के बीच अब बारिश और बादलों की आवाजाही राज्य के कई हिस्सों में मुश्किलें बढ़ा सकती है. मौसम विभाग और विशेषज्ञों के अनुसार 15 मार्च से एक के बाद एक तीन पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहे हैं जिसका सीधा असर मध्य प्रदेश के मौसम पर पड़ेगा.
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15 मार्च से दिखेगा पहले सिस्टम का असर
मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, पहला पश्चिमी विक्षोभ 15 मार्च के आसपास पहाड़ी क्षेत्रों पर दस्तक देगा. इसके प्रभाव से उत्तरी मध्य प्रदेश और नीमच के आसपास के इलाकों में मौसम बिगड़ने की संभावना है. 15 मार्च को इन क्षेत्रों में बादल छाए रहेंगे और कुछ स्थानों पर हल्की बूंदा-बांदी हो सकती है. भोपाल और इंदौर संभाग में भी हल्की हलचल देखने को मिल सकती है, जिससे तापमान में उतार-चढ़ाव दर्ज किया जाएगा.
17 मार्च से बढ़ेगी बारिश की तीव्रता
असली बदलाव 17 मार्च से आने वाले दूसरे पश्चिमी विक्षोभ के साथ शुरू होगा. यह सिस्टम पहले के मुकाबले ज्यादा मजबूत बताया जा रहा है. इसके चलते 18, 19 और 20 मार्च को राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश की संभावना है. विशेष रूप से इंदौर, देवास, रायसेन, शाजापुर, सागर, टीकमगढ़, छतरपुर और नर्मदापुरम जिलों में बारिश की तीव्रता अधिक रह सकती है. यह 'मावठे' जैसी बारिश हो सकती है जो टुकड़ों में कहीं कम तो कहीं ज्यादा गिरेगी.
किसानों के लिए 'रेड अलर्ट', फसल और भूसा बचाएं
बेमौसम बारिश की आहट को देखते हुए किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. जिन किसानों की गेहूं की फसल कट चुकी है, उन्हें कटी हुई फसल और मवेशियों के लिए जमा किए गए भूसे को सुरक्षित स्थान पर ले जाने को कहा गया है. खुले खेतों में रखी फसल भीगने से भारी नुकसान हो सकता है.
25 मार्च को आएगा तीसरा 'तगड़ा' सिस्टम
राहत की उम्मीद कम है क्योंकि 25 मार्च के आसपास एक और तगड़ा पश्चिमी विक्षोभ आने के संकेत मिल रहे हैं. हालांकि इसकी स्थिति आने वाले दिनों में और स्पष्ट होगी, लेकिन फिलहाल 15 से 20 मार्च के बीच का समय काफी चुनौतीपूर्ण रहने वाला है. बादलों और तेज हवाओं के कारण दिन के तापमान में गिरावट आएगी, लेकिन उमस और बादलों की मौजूदगी से रातें थोड़ी गर्म महसूस हो सकती हैं.
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