कौन हैं रजनीश अग्रवाल जिनके बूथ मैनेजमेंट का जवाब नहीं, जर्नलिस्ट से BJP लीडर बने और अब जाएंगे राज्यसभा

बीजेपी ने आगामी राज्यसभा चुनाव 2026 के लिए मध्य प्रदेश से तरुण चुग और प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल सहित 11 उम्मीदवारों की सूची जारी की है. बचपन से RSS और एबीवीपी से जुड़े रहे रजनीश अग्रवाल को 2023 के विधानसभा चुनाव में उनके बेहतरीन 'बूथ प्रबंधन' का इनाम मिला है.

रजनीश अग्रवाल
रजनीश अग्रवाल

न्यूज तक डेस्क

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Who is Rajneesh Agrawal: देश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हैं. इसी बीच बीजेपी ने अपने 11 उम्मीदवारों की एक नई लिस्ट जारी कर दी है. इस सूची में पार्टी ने क्षेत्रीय समीकरणों को साधते हुए गुजरात से सबसे ज्यादा 4 चेहरों को मौका दिया है. इसके अलावा राजस्थान और मध्य प्रदेश से 2-2, जबकि अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर से 1-1 उम्मीदवार के नाम पर मुहर लगाई गई है. वहीं, ओडिशा में होने वाले राज्यसभा के उपचुनाव के लिए भी बीजेपी ने अपना एक प्रत्याशी मैदान में उतारा है.

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इस पूरी लिस्ट में सबसे ज्यादा चर्चा मध्य प्रदेश की दो सीटों को लेकर हो रही है. बीजेपी आलाकमान ने यहां से राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग और प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल के नामों का ऐलान कर सबको हैरान कर दिया है. रजनीश अग्रवाल का नाम सामने आने के बाद से ही राजनीतिक विश्लेषक और आम जनता यह जानने को उत्सुक है कि आखिर संगठन में पर्दे के पीछे काम करने वाले इस नेता को इतनी बड़ी जिम्मेदारी कैसे मिल गई. 

पढ़े-लिखे नेता और पत्रकारिता की समझ

2 अप्रैल 1976 को जन्मे रजनीश अग्रवाल सियासत में आने से पहले एक बेहतरीन शैक्षणिक पृष्ठभूमि रखते हैं. उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक साइंस में ग्रेजुएशन की है. इसके बाद उन्होंने मीडिया और कम्युनिकेशन की बारीकियों को समझने के लिए ब्रॉडकास्ट जर्नलिज्म में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री भी हासिल की.

संघ से पुराना नाता और छात्र राजनीति में एंट्री

रजनीश अग्रवाल का झुकाव बचपन से ही राष्ट्रवाद और समाज सेवा की तरफ था, यही कारण है कि वे शुरुआती दिनों से ही RSS से जुड़े रहे हैं. साल 1990 में उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) का दामन थामकर छात्र राजनीति के जरिए मुख्यधारा की पॉलिटिक्स में कदम रखा.

ABVP में रहते हुए उन्होंने संगठन को मजबूत करने के लिए जमीन पर काफी काम किया. इस दौरान उन्होंने नगर संयोजक, विश्वविद्यालय प्रमुख, जिला दायित्व और प्रदेश कार्यालय मंत्री जैसी कई अहम और बड़ी संगठनात्मक जिम्मेदारियों को बखूबी संभाला.

बीजेपी संगठन में बढ़ता गया कद

साल 2005 से रजनीश अग्रवाल बीजेपी में एक्टिव भूमिका निभा रहे हैं. उनकी नेतृत्व क्षमता को देखते हुए उन्हें भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) की राष्ट्रीय कार्यसमिति का सदस्य भी बनाया गया था. पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा और मेहनत का इनाम उन्हें साल 2021 में मिला, जब उन्हें बीजेपी का प्रदेश मंत्री और बूथ प्रबंधन प्रभारी नियुक्त किया गया. वे तब से लगातार इस जिम्मेदारी को संभाल रहे हैं.

बूथ मैनेजमेंट के उस्ताद हैं रजनीश

बीजेपी में बूथ स्तर की तैयारियों को चुनाव जीतने की सबसे बड़ी चाबी माना जाता है और रजनीश अग्रवाल इसी विधा के मास्टर माने जाते हैं. साल 2023 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में उन्होंने बूथ प्रबंधन प्रभारी के तौर पर बेहद शानदार और महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिसने बीजेपी को राज्य में बंपर जीत दिलाने में मदद की.

वे लंबे समय से पार्टी के कई बड़े चुनावी अभियानों, राजनीतिक यात्राओं और संगठनात्मक कार्यक्रमों के बैकस्टेज संचालन व रणनीति बनाने से सीधे जुड़े रहे हैं. यही वजह है कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले एक कर्मठ कार्यकर्ता को भाजपा शीर्ष नेतृत्व ने सीधे देश के उच्च सदन (राज्यसभा) भेजने का फैसला किया है.

18 जून को होगा फैसला

आपको बता दें कि देश के 12 अलग-अलग राज्यों की कुल 26 राज्यसभा सीटों पर आगामी 18 जून को मतदान होना तय हुआ है. लोकतांत्रिक प्रक्रिया के मुताबिक वोटिंग खत्म होने के बाद उसी दिन शाम तक चुनावी नतीजे भी सामने आ जाएंगे. ऐसे में मध्य प्रदेश से रेस में सबसे आगे निकले रजनीश अग्रवाल के राजनीतिक सफर और उनके संगठनात्मक कौशल पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं.

 

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