प्रदेश की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और सुरक्षित बनाने इंदौर में 11-12 सितंबर को होगी 'यात्री परिवहन विज़न समिट 2026'

न्यूज तक डेस्क

• 12:32 PM • 10 Sep 2026

मध्यप्रदेश सरकार 11-12 सितंबर को इंदौर में 'यात्री परिवहन विज़न समिट 2026' का आयोजन करने जा रही है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इसका शुभारंभ करेंगे. पढ़ें पूरी खबर.

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Indore news: मध्यप्रदेश की सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को स्मार्ट, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार एक बड़ी पहल करने जा रही है. परिवहन विभाग द्वारा 11 और 12 सितंबर 2026 को ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर, इंदौर में दो दिवसीय 'यात्री परिवहन विज़न समिट 2026' का आयोजन किया जा रहा है. 

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इस भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जबकि परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह विशेष रूप से मौजूद रहेंगे. "नई सोच, नई राह, नया मध्यप्रदेश विजन" थीम पर आधारित यह समिट मुख्य रूप से 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' पर केंद्रित होगी. 

MPYPIL और ईलेट्स टेक्नोमीडिया का संयुक्त प्रयास 

समिट का आयोजन मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एण्ड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MPYPIL) द्वारा ईलेट्स टेक्नोमीडिया (Elets Technomedia) के सहयोग से किया जा रहा है. इसका मुख्य उद्देश्य जन-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल, आधुनिक IT प्रणालियों और हरित ऊर्जा के माध्यम से प्रदेश के परिवहन ढांचे को एक नई दिशा देना है.  

इंडस्ट्री-एक्सपो और नए लोगो का अनावरण 

समिट के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक विशेष इंडस्ट्री-एक्सपो का उद्घाटन करेंगे, जिसमें बस निर्माता, आईटी कंपनियां, वित्तीय संस्थान और विभिन्न सरकारी निकाय अपने नवाचारों को प्रदर्शित करेंगे. 

इसके अलावा, समिट में निम्नलिखित मुख्य आकर्षण होंगे

स्मारिका एवं विशेष पुस्तिका: ईलेट्स टेक्नोमीडिया द्वारा संकलित समिट स्मारिका और MPYPIL की ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ पर आधारित विशेष पुस्तिका का विमोचन.

MPYPIL का नया लोगो: राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के जरिए चुने गए MPYPIL के नए लोगो का अनावरण. 

मोबिलिटी हैकाथॉन: ट्रांसपोर्टेशन और मोबिलिटी स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा देने के लिए हैकाथॉन की शुरुआत. 

ऑटो, आईटी और कंसल्टेंसी सेक्टर के दिग्गज होंगे शामिल 

इस राष्ट्रीय स्तर की समिट में टाटा मोटर्स, वोल्वो-आयशर, ईकेए मोबिलिटी, ग्रीनसेल मोबिलिटी, स्विच मोबिलिटी (हिंदुजा ग्रुप), रैपिडो, चलो मोबिलिटी, एमनेक्स, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL), एसबीआई और थिंक गैस जैसी देश की दिग्गज कंपनियां हिस्सा लेंगी. 

साथ ही WRI इंडिया, BITS पिलानी, CEPT अहमदाबाद, KPMG और DIMTS जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञ अपनी रणनीतियां और सुझाव साझा करेंगे.

8 विशेष सत्रों में तैयार होगा भविष्य का रोडमैप 

दो दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में 8 अलग-अलग तकनीकी सत्रों के तहत गहन मंथन होगा. 

एमपी मोबिलिटी विजन 2030: विशाल भौगोलिक विस्तार को देखते हुए बस संचालन व ITMS में PPP मॉडल को बढ़ावा देना. 

भविष्य की परिवहन अवसंरचना: बस टर्मिनलों, मल्टीमॉडल हब और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में निजी निवेश आकर्षित करना. 

वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बस संचालन: विज्ञापन, रिटेल और नॉन-फेयर रेवेन्यू मॉडल के जरिए केवल किराए पर निर्भरता कम करना. 

रोजगार व उद्यमिता सृजन: पीएम ई-बस सेवा, पीएम ई-ड्राइव, मुद्रा योजना और स्टार्टअप इंडिया के जरिए MSME व महिला उद्यमियों को जोड़ना. 

सुरक्षा एवं यात्री सुविधा: सीसीटीवी, आपातकालीन रिस्पांस, चालक प्रशिक्षण और प्रिवेंटिव मेंटेनेंस पर जोर. 

डेटा और AI आधारित निर्णय: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रीयल-टाइम डेटा के जरिए बस रूटों और शेड्यूलिंग का युक्तिकरण. 

ग्रीन मोबिलिटी व स्वच्छ ईंधन: इलेक्ट्रिक, हाइड्रोजन व फ्लेक्स-फ्यूल बसों, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और ADAS तकनीक की समीक्षा. 

एक राज्य, एक यात्रा: नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC), स्वचालित किराया संग्रह और MaaS प्लेटफॉर्म के जरिए निर्बाध सफर.