नीट पेपर लीक की भेंट चढ़ी मध्य प्रदेश की बेटी, पिता ने 15 लाख का लोन लेकर कराया था दाखिला, री-एग्जाम के तनाव में तोड़ा दम

NEET UG 2026: मध्य प्रदेश के मऊगंज में नीट परीक्षा रद्द होने के तनाव में छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी ने की आत्महत्या. पिता ने 15 लाख रुपए का लोन लेकर नागपुर में कराई थी कोचिंग.

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आकांक्षा की मौत के बाद गांव में पसरा मातम.

हरिओम सिंह

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देश में नीट (NEET UG 2026) परीक्षा के पेपर लीक और उसे रद्द किए जाने के बाद से जहां एक तरफ सियासी घमासान मचा हुआ है, वहीं दूसरी तरफ यह भ्रष्ट व्यवस्था मासूम छात्रों की जिंदगी पर भारी पड़ने लगी है. मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है. यहां डॉक्टर बनने का सपना देख रही एक होनहार छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी ने नीट परीक्षा रद्द होने और दोबारा परीक्षा (Re-Exam) देने के मानसिक तनाव में आकर संदिग्ध परिस्थितियों में दम तोड़ दिया.

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15 लाख का कर्ज और पिता करते थे कुक की नौकरी 

यह दर्दनाक वाकया मऊगंज जिले के मगनिया गांव का है. मृतका आकांक्षा के पिता कृष्ण कुमार चतुर्वेदी पेशे से एक साधारण किसान हैं. उन्होंने अपनी बेटी को डॉक्टर बनाने के सपने को पूरा करने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) और अन्य माध्यमों से करीब 15 लाख रुपए का भारी-भरकम कर्ज लिया था. बेटी को बेहतर शिक्षा मिल सके, इसके लिए उन्होंने आकांक्षा का दाखिला नागपुर के एक नामी कोचिंग संस्थान में कराया था. इतना ही नहीं, बेटी की पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए पिता खुद नागपुर में एक कुक (रसोइया) की नौकरी करने लगे थे.

परीक्षा में 650 से ज्यादा नंबर आने की थी उम्मीद 

परिजनों ने रोते हुए बताया कि जब आकांक्षा नीट का पेपर देकर घर लौटी थी, तो वह बेहद खुश थी. उसे पूरा भरोसा था कि इस बार परीक्षा में उसके 650 से अधिक अंक आएंगे और उसका चयन पक्का हो जाएगा. पूरे परिवार में खुशियों का माहौल था कि सालों की मेहनत रंग लाने वाली है, लेकिन तभी नीट पेपर लीक होने की खबर आई और 12 मई को परीक्षा पूरी तरह से रद्द कर दी गई.

री-एग्जाम की अनिश्चितता और डिप्रेशन ने ली जान 

परीक्षा रद्द होने और 21 जून को दोबारा री-एग्जाम होने की घोषणा के बाद से आकांक्षा गहरे डिप्रेशन (अवसाद) में चली गई थी. दोबारा परीक्षा देने का मानसिक दबाव और भविष्य को लेकर बढ़ी अनिश्चितता के कारण उसने खाना-पीना छोड़ दिया था और किसी से बात भी नहीं कर रही थी. इसी मानसिक तनाव और हताशा के चलते उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया, जिसने हंसते-खेलते परिवार को जिंदगी भर का गम दे दिया.

राहुल गांधी ने सरकार को घेरा, राजनीति गरमाई 

इस दुखद घटना के बाद मध्य प्रदेश सहित पूरे देश की सियासत गरमा गई है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर सीधे केंद्र सरकार को घेरा है. उन्होंने लिखा, "आकांक्षा की मौत मोदी जी की एक भ्रष्ट और टूटी हुई व्यवस्था की देन है. एक पिता ने बेटी को पढ़ाने के लिए सब कुछ दांव पर लगा दिया, लेकिन पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने की अनिश्चितता ने आकांक्षा को हमसे छीन लिया. देश की पूरी युवा पीढ़ी इस बर्बाद शिक्षा व्यवस्था की कीमत चुका रही है."


 

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