MP News: पहाड़ से मौत बनकर गिरता मलबा, तिनके की तरह पानी के तेज बहाव में बहते घर और डर से चीखते-चिल्लाते लोग. यह कोई फिल्मी सीन नहीं, बल्कि नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा का वह खौफनाक मंजर है जिसे रायसेन निवासी विशेष राजपूत ने खुद अपनी आंखों से देखा. विशेष ने नेपाल में तबाही का वीडियो बनाकर अपने परिवार को भेजा था, लेकिन किसे पता था कि यह वीडियो ही उसका अपने परिजनों से आखिरी संपर्क साबित होगा.
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26 अगस्त से मोबाइल बंद, त्रिशूली हाइड्रो प्रोजेक्ट में थे तैनात
नेपाल में आई भीषण बाढ़ और लैंडस्लाइड के बाद से रायसेन के सुल्तानपुर निवासी विशेष राजपूत और मंडीदीप के रहने वाले हिमांशु शाक्य का अपने परिवारों से संपर्क पूरी तरह से टूट गया है. 26 अगस्त की सुबह से ही दोनों के मोबाइल फोन लगातार बंद आ रहे हैं. जानकारी के मुताबिक, दोनों युवक मंडीदीप की एंड्रिज हाइड्रो प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के जरिए नेपाल के रसुवा जिले में स्थित अपर त्रिशूली-1 हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट में काम करने गए थे. उस भयानक सैलाब के बाद से दोनों का कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है.
रोते-बिलखते परिजनों ने सरकार से लगाई मदद की गुहार
पिछले कई दिनों से अपने बेटों की आवाज न सुन पाने के कारण रायसेन और मंडीदीप में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे किसी अनहोनी के डर से सहमे हुए हैं. हिमांशु के भाई ने रोते हुए भारत सरकार, मध्य प्रदेश सरकार और नेपाल प्रशासन से अपील की है कि वे जल्द से जल्द कोई ठोस कदम उठाएं ताकि उनके भाई से संपर्क हो सके और उसे सुरक्षित घर वापस लाया जा सके. वहीं स्थानीय प्रशासन का कहना है कि वे कंपनी के प्लांट हेड के संपर्क में हैं और नेपाल आर्मी वहां बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है.
विदिशा की स्वाति बागरेचा भी नेपाल आपदा में लापता
नेपाल की इस कुदरती तबाही में रायसेन के युवकों के अलावा विदिशा के प्रसिद्ध डॉक्टर के. सी. बागरेचा की बेटी स्वाति बागरेचा भी लापता बताई जा रही हैं. कनाडा में रहने वाली स्वाति कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर गई थीं, जिसके बाद से उनका कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है. कुल मिलाकर मध्य प्रदेश के करीब 5 लोग नेपाल की इस त्रासदी के बाद से लापता हैं. फिलहाल नेपाल आर्मी का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और परिजनों की नजरें सरकार की मदद पर टिकी हुई हैं.
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