मध्यप्रदेश में सार्वजनिक यात्री परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुलभ और हाईटेक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है. प्रदेश में बेहतर मोबिलिटी इकोसिस्टम तैयार करने के उद्देश्य से 11 और 12 सितंबर 2026 को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में दो दिवसीय 'यात्री परिवहन विजन समिट-2026' का आयोजन किया जाएगा.
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परिवहन विभाग द्वारा आयोजित इस समिट का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में होगा. कार्यक्रम में परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री श्री राव उदय प्रताप सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे. यह आयोजन मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और ईलेट्स टेक्नोमीडिया के सहयोग से किया जा रहा है.
100% PPP मॉडल और 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' पर फोकस
इस दो दिवसीय सम्मेलन का मुख्य केंद्र 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' योजना रहेगी. इसके तहत 100 प्रतिशत सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के आधार पर बसों के संचालन और अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण की रूपरेखा तय की जाएगी.
समिट का उद्देश्य राज्य में एक ऐसा यात्री परिवहन नेटवर्क तैयार करना है जो डिजिटल रूप से सक्षम, वित्तीय रूप से मजबूत, सुरक्षित और आम नागरिकों के लिए सुलभ हो. यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और 'पीएम ई-बस सेवा' जैसी राष्ट्रीय योजनाओं के अनुरूप है.
देशभर से जुटेंगे दिग्गज, 6 प्रमुख विषयों पर होगी चर्चा
समिट में नीति निर्माता, निजी बस ऑपरेटर, परिवहन प्राधिकरण, बस निर्माता, टेक्नोलॉजी कंपनियां, निवेशक और वित्तीय संस्थान एक ही मंच पर जुटेंगे. इस दौरान प्रमुख रूप से 6 विषयों पर मंथन होगा-
- पीपीपी (PPP) आधारित मोबिलिटी मॉडल
- इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS)
- वित्तीय स्थिरता (Financial Sustainability)
- स्वच्छ एवं ग्रीन मोबिलिटी (EV/Hydrogen)
- एकीकृत डिजिटल टिकटिंग (Common Ticketing)
- सुगम एवं सुरक्षित यात्री अनुभव
निवेश और तकनीक के 12 बड़े अवसर
समिट के माध्यम से इलेक्ट्रिक व हाइड्रोजन मोबिलिटी, एआई (AI) आधारित रूट ऑप्टिमाइजेशन, स्मार्ट बस स्टॉप, डिजिटल टिकटिंग, पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और मोबिलिटी-एज-ए-सर्विस जैसे 12 उच्च संभावना वाले क्षेत्रों में निजी कंपनियों के लिए निवेश और साझेदारी के द्वार खुलेंगे.
इसके अलावा, सरकार और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के बीच वन-टू-वन (One-to-One) बैठकों का आयोजन भी किया जाएगा ताकि राज्य में नए पायलट प्रोजेक्ट्स और निवेश की संभावनाओं को तत्काल धरातल पर उतारा जा सके. इस समिट के जरिए 'मोबिलिटी विज़न 2030' का रोडमैप तैयार करने में मदद मिलेगी.
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