mp teacher recruitment: भोपाल में मुख्यमंत्री निवास पर हुए कार्यक्रम को पीएम नरेंद्र मोदी ने भी संबोधित किया. प्रधानमंत्री ने नवनियुक्त शिक्षकों के ट्रेनिंग प्रोग्राम को वीसी के जरिए संबोधित करते हुए कहा कि जिन शिक्षकों की नियुक्ति हुई है, उन्हें यह कोशिश करना चाहिए कि जैसे उनके दिलों में आज तक उनके शिक्षक जिंदा हैं, वैसे ही अब उनके विद्यार्थियों के दिलों में भी वे शिक्षक के रूप में जिंदा रहें. भारत की गुरु-शिष्य परंपरा देश की ताकत रही है. इस परंपरा को बनाए रखने की जरूरत है.
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प्रधानमंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति को लागू करने में नए नियुक्त हुए शिक्षकों की भूमिका बेहद अहम होगी. पीएम मोदी ने कहा कि 22 हजार 400 से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति हुई है और इसके अलावा भी सीएम शिवराज सिंह चौहान एक लाख पदों पर भर्ती करने जा रहे हैं. रोजगार देने के मामले में मध्यप्रदेश बहुत आगे बढ़ गया है.
कांग्रेस खड़े कर रही सवाल
पीसीसी चीफ कमलनाथ के मीडिया प्रभारी पीयूष बबेले ने ट्वीट कर सवाल खड़े किए कि ‘शिवराज जी ने योजना बनाई थी कि आज भेल दशहरा मैदान में 22500 नवनियुक्त शिक्षकों को सर्टिफिकेट बाटेंगे. लेकिन शिक्षकों ने बड़े पैमाने पर इस आयोजन का अघोषित बहिष्कार कर दिया. मुश्किल से कुछ 100 शिक्षक ही कार्यक्रम के लिए आए. मौके की नजाकत भांपते हुए मुख्यमंत्री ने आनन-फानन में कार्यक्रम स्थल भेल दशहरा मैदान से बदलकर मुख्यमंत्री आवास कर लिया. शिवराज जी पहले विकास यात्रा में हुई फजीहत, फिर फर्जी योजनाओं के नाम पर फैलाया जा रहा झूठ और अब सरकारी कर्मचारियों का सार्वजनिक बहिष्कार. जनता ने आपकी आधिकारिक विदाई से पहले ही आपको गया हुआ मान लिया है.
कमलनाथ ने खड़े किए ये सवाल
पीसीसी चीफ कमलनाथ ने ट्वीट कर सवाल खड़े किए हैं कि ‘प्रदेश के कई इलाकों में अतिवृष्टि और ओलावृष्टि को एक पखवाड़े से अधिक का समय हो चुका है और कुछ क्षेत्रों में अभी हाल ही में ओलावृष्टि हुई है. लेकिन किसानों को उचित मुआवजा देना तो दूर अब तक फसल को हुए नुकसान का सर्वेक्षण कार्य भी नहीं किया गया है. मैं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से निवेदन करता हूं कि पूरे प्रदेश में जनता के पैसे से पार्टी की इवेंट करने के बजाए वे पीड़ित किसानों का दर्द समझें. हम सबने देखा कि किस तरह ओलावृष्टि से बहुत सी जगहों पर खेत बर्फ के मैदान जैसे दिखाई दे रहे थे. जो नुकसान सबको साफ दिखाई दे रहा है, उसका मुआवजा देने के लिए सर्वेक्षण और लालफीताशाही का बहाना बनाना पूरी तरह से किसान विरोधी और किसानों का उत्पीड़न करने वाली बात है. मुख्यमंत्री जी अविलंब पीड़ित किसानों को मुआवजा प्रदान करें’.
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