'दिग्विजय सिंह के चक्कर में अगली पीढ़ी दांव पर लगें', नरोत्तम मिश्रा ने क्यों कहा ऐसा, जानें पूरा माजरा

Rajgarh Loksabha Seat: मध्य प्रदेश की राजगढ़ लोकसभा सीट पर दिनों दिन मुकाबला दिलचस्प होता जा रहा है. सियासी बयानबाजी के बीच अब पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की एंट्री हो गई है. उनके एक बयान ने सियासी गलियारों में चर्चांए तेज कर दी हैं.

narottam mishra -digvijay singh
narottam mishra -digvijay singh

पंकज शर्मा

• 11:29 AM • 11 Apr 2024

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Rajgarh Loksabha Chunav 2024: मध्य प्रदेश की राजगढ़ लोकसभा सीट से कांग्रेस की तरफ से पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह तो वहीं बीजेपी तरफ से रोडमल नागर को चुनावी मैदान में उतारा गया है. एक तरफ जहां दिग्विजय इस चुनाव को अपना आखिरी चुनाव बता कर वोट मांग रहे हैं तो वहीं नागर अपनी गलतियों की माफी मांगकर फिरसे मौका देने की बात कहते नजर आ रहे हैं. अब इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम में मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की एंट्री हो गई है. मिश्रा ने दिग्विजय सिंह पर तंज कसते हुए कहा कि "उनके आखिरी चुनाव के चक्कर में आने वाली पीढ़ी दांव पर लगा दें क्या?" 

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दरअसल राजगढ़ जिले के जीरापुर में विधानसभा सम्मेलन में पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा शामिल होने पहुंचे थे. यहां उन्होंने पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह कह रहे हैं कि यह मेरा आखिरी चुनाव है. अब इनके आखिरी चुनाव के लिए हम हमारी आने वाली पीढ़ी को दांव पर लगा दे क्या? दरअसल, दिग्विजय सिंह ने कुछ दिनों पहले बयान देकर कहा था मै 77 साल का हो गया हूं, अब यहां मेरा आखिरी चुनाव है. इसके बाद में कोई चुना नहीं लडूंगा. जिस पर अब नरोत्तम मिश्रा ने पलटवार किया है. 

 

 

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तुष्टिकरण की राजनीति करने का नाम ही दिग्विजय सिंह- मिश्रा

नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस और दिग्विजय सिंह पर हमला बोलते हुए कहा "10 साल पहले जब मनमोहन सिंह की सरकार थी, जब पाकिस्तान हमसे कश्मीर मांगता था. आज मोदी की सरकार है. तो पाकिस्तान कटोरा लेकर भीख मांग रहा है. ये दस साल का परिवर्तन है. 10 साल पहले हम कश्मीर के लाल चौक पर तिरंगा नहीं फहरा पाते थे. आज कश्मीर नही बल्कि मोदी ने चांद पर तिरंगा फहरा दिया है". 

उन्होंने आगे कहा "10 साल पहले हम रेलवे स्टेशन पर जाते थे तो अनाउंसमेंट होता था, किसी भी लावारिस पड़ी वस्तु को हाथ ना लगाए, उसमें बम हो सकता है, इन 10 सालों में रेलवे स्टेशन पर आपने इस तरह का अनाउंसमेंट नहीं सुना होगा, ये परिवर्तन है, तुष्टिकरण की राजनीति करने का नाम ही दिग्विजय सिंह है". 

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