MP News: विंध्य की एक बेटी जिसकी उम्र महज 9 साल है. थैलेसीमिया नामक गंभीर बीमारी से ग्रसित है. इस बीमारी के इलाज के लिए लाखों रुपयों की आवश्यकता है. परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी सक्षम नहीं है कि बेटी के इलाज का खर्च उठा सके. बेटी के इलाज के लिए पिता सरकारी मदद की गुहार लगाता घूम रहा है, लेकिन कोई मदद नहीं मिली है. जब उम्मीद की कोई किरण नजर नहीं आई तो पिता पैदल यात्रा पर निकल पड़ा है और बेटी के इलाज के लिए भीख मांग रहा है.
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सीधी जिले के कमर्जी में रहने वाले पंकज तिवारी की आराध्या इकलौती संतान है. पंकज तिवारी भाजपा के कार्यकर्ता हैं. 9 साल की आराध्या को यह बीमारी जन्म से है. उसे जीवित रहने के लिए हर सप्ताह खून चढ़ाया जाता है, लेकिन अब उसे बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए जर्मनी से एक डोनर मिला है. जिस पर 15 लाख रुपए खर्च होंगे इसके अलावा क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज वेल्लोर में 45 लाख रुपए ट्रांसप्लांट का खर्च आएगा.
मदद नहीं मिली तो भीख मांगने निकल पड़े
पंकज पिछले 5 सालों से बेटी के इलाज के लिए दर-दर भटक रहे हैं. सरकार से जब कोई मदद नहीं मिली तो समाजसेवियों के साथ आमजनों से सहयोग की भीख मांगने निकल पड़े हैं. सीधी से यह यात्रा आगे बढ़ते हुई रीवा पहुंची और यहां आमजनों से मदद लेने के बाद भोपाल तक जाएगी. आराध्या के पिता ने भावुक होकर कहा कि अगर इतने में भी हमारी बेटी के इलाज की व्यवस्था नहीं हो पाई तो मुख्यमंत्री के निवास के सामने आत्मदाह कर लूंगा.
पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने सीएम से लगाई मदद की गुहार
पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल ने मेजर थैलेसीमिया बीमारी से पीड़ित आराध्या तिवारी के इलाज के लिए आर्थिक सहायता देने का आग्रह मुख्यमंत्री शिवराज से किया है. उन्होंने कहा कि आराध्या के पिता पंकज तिवारी पिछले 5 साल से लगातार सरकारी मदद के लिए भटक रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक कोई मदद नहीं मिली है. ऐसे में उन्होंने पैसे की व्यवस्था के लिए 25 जून से मदद एक पहल अभियान शुरू किया है. वह पैदल यात्रा करते हुए सीधी से भोपाल पहुंचेंगे और लोगों से पैसा एकत्रित करेंगे.
कांग्रेस नेता अजय सिंह राहुल ने हैरानी जताते हुए कहा कि यह बड़ा मुद्दा है. पंकज तिवारी भाजपा के वरिष्ठ सदस्य हैं. प्रदेश का कोई भी भाजपा नेता नहीं बचा, जिसके पास उन्होंने गुहार लगाई हो. ऐसे में सवाल यह पैदा होता है कि पार्टी का आदमी ही मदद के लिए दर-दर भटक रहा है तो आम आदमी के क्या हाल हैं. उन्होंने कहा कि यदि शिवराज सिंह जरा भी संवेदनशीलता और नैतिकता बची है तो मेरा आग्रह है कि कोई व्यक्तिगत रूचि लेकर अपनी लाडली के लिए तत्काल आर्थिक सहायता स्वीकृत कराएं.
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