आदित्य बिड़ला ग्रुप मध्य प्रदेश लीग (MPL) T20 सिंधिया कप 2026 में इंदौर के होल्कर स्टेडियम में, रीवा जगुआर ने उज्जैन फाल्कन्स के खिलाफ 232 रन का शानदार लक्ष्य हासिल किया. अरहम अकील की बेहतरीन शतकीय पारी की बदौलत उन्होंने एक ओवर बाकी रहते हुए पांच विकेट से जीत दर्ज की. पहले बल्लेबाजी करते हुए, उज्जैन फाल्कन्स ने अपने 20 ओवरों में 231/4 का विशाल स्कोर खड़ा किया. इसमें कप्तान चंचल राठौर की अहम भूमिका रही, जिन्होंने 38 गेंदों पर धुआंधार 71 रन बनाए, जिसमें छह छक्के और पांच चौके शामिल थे.
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फाल्कन्स को शुरुआती झटका तब लगा जब दूसरे ओवर में सोहम पटवर्धन आउट हो गए, लेकिन राठौर को यश दुबे का अच्छा साथ मिला. इस जोड़ी ने दूसरे विकेट के लिए 90 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी करके पारी को संभाला. जहां दुबे ने एंकर की भूमिका निभाई और 40 गेंदों पर 49 रन बनाकर नाबाद रहे, वहीं राठौर ने विपक्षी गेंदबाजों पर हमला बोला और तेजी से स्कोरबोर्ड को आगे बढ़ाया.
राठौर के आउट होने के बाद, उज्जैन ने स्टार बल्लेबाज माधव तिवारी का विकेट भी गंवा दिया, जिन्होंने 13 गेंदों पर 18 रन बनाए. हालांकि, दुबे ने एक छोर संभाले रखा और उन्हें ओजस्व यादव का साथ मिला, जिन्होंने शानदार छोटी पारी खेलकर खेल को और अधिक फाल्कन्स के पक्ष में कर दिया. इस जोड़ी ने चौथे विकेट के लिए 64 रन जोड़े, जिसमें यादव ने सिर्फ 14 गेंदों पर 44 रन बनाए, जिसमें छह लंबे छक्के शामिल थे.
इसके बाद आर्यन पांडे ने सिर्फ 9 गेंदों पर नाबाद 28 रन बनाकर पारी को शानदार ढंग से समाप्त किया, जिससे फाल्कन्स एक विशाल स्कोर तक पहुंचने में सफल रहे.
जवाब में, रीवा जगुआर को पृथ्वीराज सिंह तोमर और अक्षत रघुवंशी ने अच्छी शुरुआत दिलाई, जिन्होंने पहले विकेट के लिए 39 रन जोड़े. हालांकि, जैगुआर ने जल्दी-जल्दी कुछ विकेट गंवा दिए, लेकिन फिर अरहम अकील और सागर सोलंकी ने चौथे विकेट के लिए 66 रनों की अहम साझेदारी करके टीम की वापसी कराई.
सोलंकी ने आउट होने से पहले 20 गेंदों में 26 रन बनाए, जबकि अकील ने अपना शानदार फ़ॉर्म जारी रखा. जैगुआर को एक और झटका तब लगा जब अंकित कुशवाहा सिर्फ़ 2 गेंदों में 1 रन बनाकर आउट हो गए, जिससे अकील पर मैच जिताने की ज़िम्मेदारी आ गई.
इसके बाद अकील को अथर्व महाजन का बेहतरीन साथ मिला और दोनों ने सुनिश्चित किया कि मैच जीतने में कोई और दिक्कत न आए. इस जोड़ी ने 74 रनों की नाबाद साझेदारी करते हुए रीवा जैगुआर को जीत दिलाई, और टीम ने एक ओवर बाकी रहते ही मैच जीत लिया. अकील ने सिर्फ़ 49 गेंदों में नाबाद 107 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें सात छक्के और आठ चौके शामिल थे, जबकि महाजन ने 17 गेंदों में नाबाद 29 रन बनाकर पारी को अच्छे से खत्म किया.
टीम की जीत और अपनी बल्लेबाज़ी के बारे में बात करते हुए अकील ने कहा, "जब मैं बल्लेबाज़ी करने आया, तो मेरा एकमात्र ध्यान इस बात पर था कि ज़रूरी रन रेट बेकाबू न हो जाए. मैं लगातार मैच की स्थिति का हिसाब लगा रहा था और सही समय पर बाउंड्री लगाने की कोशिश कर रहा था, जिससे लक्ष्य को हासिल करना आसान हो गया. टीम में मेरी भूमिका एक एंकर की तरह खेलने की है क्योंकि मेरे आस-पास कई हार्ड-हिटर बल्लेबाज़ हैं. योजना सरल थी - देर तक टिककर खेलना, मैच को जीत के जितना हो सके करीब ले जाना और दूसरों को अपना स्वाभाविक खेल खेलने देना. जब दूसरे छोर पर विकेट गिर रहे थे, तब भी मैं बस शांत रहकर मैच को आगे बढ़ाना चाहता था."
ग्वालियर चीता बनाम बुंदेलखंड बुल्स
ग्वालियर चीता ने एक बार फिर शानदार बल्लेबाज़ी का प्रदर्शन किया और इंदौर के डेली कॉलेज में खेले गए हाई-स्कोरिंग मैच में दबाव को संभालते हुए बुंदेलखंड बुल्स को 23 रनों से हराया.
पहले बल्लेबाज़ी करने का फ़ैसला करते हुए, ग्वालियर चीता ने अपने 20 ओवरों में 249/4 का विशाल स्कोर खड़ा किया. पारी की नींव पार्थ चौधरी की शानदार बल्लेबाज़ी पर टिकी थी, जिन्होंने सिर्फ़ 46 गेंदों में 95 रन बनाए, जिसमें 10 लंबे छक्के शामिल थे और उन्होंने अपना शानदार फ़ॉर्म जारी रखा. शुरुआत में एक विकेट गिरने के बाद, चौधरी ने दूसरे विकेट के लिए 106 रनों की अहम साझेदारी की, जिससे बुल्स के गेंदबाज़ों पर भारी दबाव बन गया.
कुलदीप गेही और कप्तान रजत पाटीदार ने क्रमशः 48 और 36 रनों की शानदार पारियां खेलकर टीम को अच्छा सहारा दिया और पारी को आगे बढ़ाया. इसके बाद अर्पित पटेल ने शानदार अंदाज़ में पारी का समापन किया; उन्होंने सिर्फ़ 11 गेंदों पर 35 रन बनाए और चीताज़ को 250 रनों के स्कोर के करीब पहुंचा दिया.
250 रनों के मुश्किल लक्ष्य का पीछा करते हुए बुंदेलखंड बुल्स ने आक्रामक शुरुआत की. कप्तान अभिषेक पाठक ने पावरप्ले में ज़बरदस्त बल्लेबाज़ी की. उन्होंने सिर्फ़ 20 गेंदों पर 76 रन बनाए, जिसमें नौ छक्के शामिल थे, और बुल्स ने पहले छह ओवरों में ही 105 रन बना लिए. उन्होंने कुल मिलाकर 25 गेंदों पर 84 रन बनाए.
हालांकि, ग्वालियर चीताज़ ने अनुशासित गेंदबाज़ी और सही समय पर विकेट लेकर वापसी की. अनुभव अग्रवाल ने दो अहम विकेट लिए, जबकि आकाश रघुवंशी और कार्तिक परिहार ने भी दो-दो विकेट लेकर बुल्स की तेज़ी को रोका. बुंदेलखंड बुल्स ने अपने 20 ओवरों में 226/9 का स्कोर बनाया, जिससे ग्वालियर चीताज़ को रनों से भरपूर इस रोमांचक मैच में 23 रनों से जीत मिली.
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