मध्य प्रदेश के रीवा जिले में एक दुखद हादसा हो गया. एक अधेड़ शख्स पेड़ से गिरने के बाद मौत के मुंह से तो निकल आया पर उसे क्या पता था कि मौत अस्पताल में इंतजार कर रही थी. घायल युवक को परिजन अस्पताल लेकर गए. वहां वो जिस लिफ्ट में चढ़ा वो गिर गई. लिफ्ट गिरने से मरीज सुरेश सेन की दर्दनाक मौत हो गई. इधर लिफ्ट गिरने पर परिजनों ने हंगामा कर दिया. परिजनों का आरोप है कि लिफ्ट ठीक कराई गई होती तो ये हादसा नहीं होता. हादसे में जान गंवाने वाले सुरेश सेन के परिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता और अस्पताल प्रबंधन ने 16 लाख रुपए का मुआवजा देने का ऐलान किया है.
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क्या है पूरा मामला ?
मैहर जिले के लालपुर अमरपाटन निवासी 50 साल के सुरेश सेन पेड़ पर चढ़े थे. अचानक पैर फिसलने से वो नीचे गिर गए. सुरेश को काफी चोटें आईं. गंभीर हालत में परिजन उन्हें लेकर नेशनल हॉस्पीटल रीवा पहुंचे. वहां उन्हें ऊपर के फ्लोर पर इलाज के लिए जाना था. जब परिजन मरीज को लेकर लिफ्ट में सवार हुए तो लिफ्ट अचानक नीचे गिर गई. इस दौरान मरीज सुरेश सेन की गर्दन लिफ्ट में फंस गई जिससे उनकी मौत हो गई. वहीं बाकी लोग घायल हो गए.
लिफ्ट गिरते ही अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल हो गया. मृतक मरीज सुरेश सेन के परिजनों ने हंगामा कर दिया. उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया. परिजनों ने अस्पताल के सामने धरना देकर खूब हंगामा किया और 50 लाख रुपए मुआवजे की मांग की.
परिजन देर शाम तक डटे रहे. सूचना पर पुलिस पहुंची और परिजनों को जांच का हलावा देकर समझाया. इधर अस्पताल प्रबंधन ने मृतक के परिजनों को 16 लाख रुपए का मुआवजा देने का ऐलान किया. वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपए का मुआवजा देने का ऐलान किया है.
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