सिंधिया के इस समर्थक नेता ने BJP के खिलाफ किया विद्रोह, टिकट काट दिया तो कर दिया बड़ा ऐलान

राहुल जैन

29 Oct 2023 (अपडेटेड: Oct 29 2023 2:29 PM)

Guna Assembly Seat: बीजेपी ने रविवार को अपनी अंतिम सूची जारी कर गुना और विदिशा सीट पर उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया. लेकिन जैसे ही गुना विधानसभा सीट पर बीजेपी ने पन्नालाल शाक्य को टिकट देने का निर्णय लिया, वैसे ही बीजेपी में बड़ा विरोध सामने आ गया. गुना विधानसभा सीट पर ज्योतिरादित्य […]

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Guna Assembly Seat: बीजेपी ने रविवार को अपनी अंतिम सूची जारी कर गुना और विदिशा सीट पर उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया. लेकिन जैसे ही गुना विधानसभा सीट पर बीजेपी ने पन्नालाल शाक्य को टिकट देने का निर्णय लिया, वैसे ही बीजेपी में बड़ा विरोध सामने आ गया. गुना विधानसभा सीट पर ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक नीरज निगम टिकट के प्रबल दावेदार थे. सिंधिया खुद उनको टिकट दिलाने के लिए प्रयासरत थे लेकिन जब सूची सामने आई तो उसमें टिकट बीजेपी ने पन्नालाल शाक्य को दे दिया.

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इसके बाद नीरज निगम ने अब बीजेपी के खिलाफ विद्रोह कर दिया है. एमपी तक से खास बातचीत में नीरज निगम ने कह दिया है कि वे सोमवार को निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन फॉर्म जमा करेंगे. नीरज निगम बीजेपी के इस फैसले के खिलाफ नाराजगी दिखाने मुंगावली क्षेत्र में पहुंच गए, जहां पर ज्योतिरादित्य सिंधिया कार्यकर्ताओं की सभा को संबोधित करने पहुंचे थे.

यहां एक खास सीन देखने को मिला. जब सिंधिया का हैलीकॉप्टर मुंगावली क्षेत्र में उतर रहा था तो उनके समर्थक नेता नीरज निगम उनके हैलीकॉप्टर के आगे नतमस्तक हो गए और तब तक नतमस्तक रहे, जब तक सिंधिया उतर नहीं गए. इस दौरान नीरज निगम ने सिंधिया से अपनी नाराजगी जाहिर की तो सिंधिया ने उनको धैर्य रखने को बोला और कहा कि सोमवार को ग्वालियर में अमित शाह आ रहे हैं और उनके सामने इस मामले को वे उठाएंगे.

नीरज निगम के आरोप, सर्वे में उनका नाम था, पन्नालाल दूर-दूर तक नहीं

एमपी तक से बातचीत में नीरज निगम ने कहा कि पार्टी ने सर्वे के आधार पर टिकट देना तय किया था, लेकिन पन्नालाल शाक्य का नाम सर्वे में था ही नहीं, फिर उनको टिकट कैसे दे दिया गया. पार्टी में तय हुआ था कि जो सर्वे में आएंगे उनको टिकट दिया जाएगा. ना तेरा होगा ना मेरा होगा. लेकिन जब सूची आई तो उसमें पन्नालाल शाक्य का नाम था.

जाहिर है कि पन्नालाल शाक्य का नाम जब सर्वे में दूर-दूर तक नहीं था तो उनको टिकट कैसे मिल गया. इससे स्पष्ट है कि टिकट देने में भेदभाव हुआ है. इसलिए मैं अब निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनावी मैदान में उतरूंगा. आपको बता दें कि पन्नालाल शाक्य 2013 में भी गुना से विधायक रह चुके हैं. पन्नालाल की संघ व भाजपा में अच्छी पकड़ मानी जाती है.

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