सीहोर जिले के कोसमी गांव में वन विभाग की कार्रवाई के दौरान 12 आदिवासी परिवारों के मकान तोड़े जाने और फसलों को नुकसान पहुंचाए जाने के मामले में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद, भोपाल की ओर कूच कर रहे 5 हजार से अधिक आदिवासियों ने अपना आंदोलन वापस ले लिया है. सरकार की ओर से सभी मांगें माने जाने का भरोसा मिलने के बाद आदिवासी समाज ने अपनी पदयात्रा स्थगित कर दी है.
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बंद कमरे में हुई एक घंटे की मैराथन बैठक
कोसमी गांव में 11 अक्टूबर को वन विभाग की कार्रवाई के विरोध में 35 से ज्यादा गांवों के 5 हजार से अधिक आदिवासी पिछले 5 दिन से धरने पर बैठे थे और मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए भोपाल की तरफ पैदल मार्च कर रहे थे.मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रभावित आदिवासियों के 16 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को लेकर मुख्यमंत्री निवास पहुंचे. वहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के बीच बंद कमरे में करीब एक घंटे तक मंथन हुआ. इस बैठक में प्रतिनिधियों की बात सुनने के बाद सरकार ने सभी मांगों को स्वीकार कर लिया.
सरकार ने दिए ये बड़े आश्वासन
- सरकार की तरफ से प्रभावित आदिवासियों को निम्नलिखित राहत और न्याय का भरोसा दिया गया है:
- प्रभावित आदिवासी परिवारों को सिंहपुर गांव में जमीन के पट्टे दिए जाएंगे.
- फसलों और मकानों के नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा दिया जाएगा.
- मामले में दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
- पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया गया है.
आंदोलन समाप्त और घरों की वापसी
इस बैठक के बाद बुधनी विधायक रमाकांत भार्गव और बीजेपी जिलाध्यक्ष ने रास्ते में रुके आदिवासियों से बातचीत की और सरकार के फैसलों की जानकारी दी. न्याय मिलने की उम्मीद बंधने के बाद आदिवासियों ने अपनी पदयात्रा स्थगित कर दी और प्रशासन की बसों में बैठकर अपने गांवों के लिए रवाना हो गए.गौरतलब है कि कोसमी वन भूमि पर आदिवासियों के कब्जे का मामला सामने आया था, जहां वन विभाग ने नोटिस देकर कार्रवाई की थी. इस कार्रवाई के विरोध में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और कार्तिकेय चौहान भी धरने में शामिल हुए थे. अब मुख्यमंत्री के भरोसे के बाद इस बड़े विवाद पर फिलहाल विराम लग गया है.
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