MP News: 27 दिसंबर 2025 को मध्य प्रदेश के शिवपुर जिले के कराल क्षेत्र की ननपुरा घाटी में एक खाई के अंदर रमाकांत नाम के एक शिक्षक की लाश मिली. शव के बगल में ही उसकी बाइक भी टूफी-फूटी हालत में गिरी हुई थी. ऐसा लग रहा था मानों रमाकांत किसी सड़क दुर्घटना के शिकार हुए हैं. वहीं जब उसकी पत्नी को इस दुर्घटना के बारे में पता चला तो वो तुरंत दुर्घटनास्थल पर पहुंच गई. अपने पति की इस हालत को देख वो फूट फूटकर रोने लगी और अपनी किस्मत को कोसने लगी.
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पत्नी साधन को इतना दुख में रोता बिलखता देख वहां मौजूद सभी लोगों के आंखों में आंसू थे. लेकिन किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि जिस औरत के आंसुओं पर लोग तरस खा रहे हैं, वही इस मौत की सबसे बड़ी साजिशकर्ता निकलेगी. जब पुलिस ने परत-दर-परत जांच शुरू की तो यह हादसा धीरे-धीरे एक खौफनाक हत्या की कहानी में बदल गया.
पुलिस ने खंगाला सीसीटीवी फुटेज
इस मामले की जांच करते हुए जब पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाला तो पता चला कि घटना के दिन रमाकांत, मनीष और सतनाम के साथ नजर आए थे. इसके बाद पुलिस ने साधना और मनीष की कॉल डिटेल निकाली, जिसमें दोनों के बीच लगातार बातचीत का रिकॉर्ड मिला. सख्त पूछताछ में आखिरकार साधना टूट गई और उसने पूरी साजिश उगल दी.
साधना एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता है और उसके घर के पास स्थित पेट्रोल पंप पर मनीष जाटव सेल्समैन की नौकरी करता था. करीब डेढ़ साल पहले दोनों के बीच प्रेम संबंध शुरू हुआ. पति रमाकांत को जब इस रिश्ते की भनक लगी तो घर में आए दिन झगड़े होने लगे. इसी से तंग आकर साधना ने पति को रास्ते से हटाने की ठान ली. उसने मनीष के दोस्त सतनाम को इसके बदले चार लाख रुपये देने का वादा किया.
रमाकांत को घुमाने के बहाने ले गए
26 दिसंबर को मनीष और सतनाम रमाकांत को घुमाने के बहाने कार में बैठाकर ले गए. ननपुरा घाटी के पास टॉयलेट के नाम पर कार रोकी गई और मौका पाकर कुल्हाड़ी के हत्थे से उनके सिर पर वार किया गया. फिर गला दबाकर उनकी जान ले ली गई. हत्या को हादसा दिखाने के लिए उनकी बाइक को भी खाई में फेंक दिया गया.
पुलिस ने कार समेत कई अहम सबूत बरामद कर लिए हैं. फिलहाल साधना शर्मा को जेल भेज दिया गया है जबकि मनीष और सतनाम पुलिस रिमांड पर हैं.
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