MP में जिस वायरल पत्र पर मचा है बवाल, उस पर पुलिस का चौंकाने वाला खुलासा

इज़हार हसन खान

13 Aug 2023 (अपडेटेड: Aug 13 2023 9:33 AM)

MP Election 2023: मध्य प्रदेश में जिस वायरल पत्र को लेकर हंगामा खड़ा हो गया है, उसे लेकर अब नया ट्विस्ट सामने आया है. दरअसल, 50 फीसदी भ्रष्टाचार के मामले पुलिस (Bhopal Crime Branch) की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. वायरल पत्र (Viral Latter) में जिस संघ का नाम है वो पूरे मध्य प्रदेश […]

Viral letter on which created a ruckus in MP, that person and the Sangh are 'missing', the difficulties of Congress leaders will increase
Viral letter on which created a ruckus in MP, that person and the Sangh are 'missing', the difficulties of Congress leaders will increase
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MP Election 2023: मध्य प्रदेश में जिस वायरल पत्र को लेकर हंगामा खड़ा हो गया है, उसे लेकर अब नया ट्विस्ट सामने आया है. दरअसल, 50 फीसदी भ्रष्टाचार के मामले पुलिस (Bhopal Crime Branch) की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. वायरल पत्र (Viral Latter) में जिस संघ का नाम है वो पूरे मध्य प्रदेश (MP News) में कहीं भी रजिस्टर्ड नहीं है, साथ ही सबसे हैरान करने वाला खुलासा ये हुआ है कि ज्ञानेंद्र अवस्थी, जिसके नाम से पत्र वायरल किया गया है, ऐसा कोई शख्स क्राइम ब्रांच की जांच में मिला ही नहीं है.

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बता दें कि वायरल पत्र में ज्ञानेंद्र अवस्थी का नाम है और इसके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है, लेकिन प्रथम दृष्टया जांच में संघ और उस व्यक्ति का नाम फर्जी पाए गए हैं. माना जा रहा है कि इस मामले में कांग्रेस के बड़े नेताओं की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. बता दें कि इसी पत्र कांग्रेस नेता अरुण यादव ने ट्वीट किया था, जिसे रिट्वीट करते हुए प्रियंका गांधी एमपी की शिवराज सरकार काे 50 फीसदी कमीशन वाली सरकार बताया था. इसके बाद मध्य प्रदेश के अलग-अलग शहरों में प्रियंका गांधी, अरुण यादव, कमलनाथ और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है.

भोपाल क्राइम ब्रांच के डीसीपी श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने बताया कि जिन पर एफआईआर हुई है, वो सभी धाराएं जमानत वाली हैं. चूंकि इसमें सजा 7 साल से कम है तो इसमें जमानत मिल जाएगी. उन्होंने कहा कि अब देखेंगे कि नोटिस सर्व करेंगे या उन्हें  डायरेक्ट सूचना देकर बुलाया जाएगा. सोमवंशी ने कहा- जांच में उस संघ और व्यक्ति की तस्दीक नहीं हो पाई गई है. ऐसा कोई संघ मध्य प्रदेश में रजिस्टर्ड नहीं है.

प्रियंका गांधी वाड्रा, पूर्व सीएम कमल नाथ और अन्य के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर पर बीजेपी जिला अध्यक्ष सुमित पचौरी का कहना है, ‘जो पत्र वायरल हो रहा था, उसमें उस व्यक्ति (ज्ञानेंद्र अवस्थी) की कोई पहचान नहीं है जिसका नाम है. पत्र में है. कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने इस फर्जी पत्र को साझा किया.”

वायरल पत्र में ज्ञानेंद्र अवस्थी नाम का शख्स अज्ञात 

ज्ञानेन्द्र अवस्थी नाम के अज्ञात शख्स पर भी केस दर्ज किया गया है. दरअसल जो लेटर सोशल मीडिया में चल रहा है. वह ‘लघु एवं मध्यम क्षेत्रीय संविदाकार संघ’ नाम की कथित संस्था के लेटर हेड पर है. उसमें नीचे की ओर ज्ञानेन्द्र अवस्थी नाम लिखा है. ये लेटर हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ के मुख्य न्यायाधीश के नाम पर लिखा गया है.