इंदौर के चर्चित ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड में एक बड़ा अपडेट सामने आया है. मामले की मुख्य आरोपी और मृतक की पत्नी सोनम रघुवंशी को शिलांग कोर्ट से जमानत मिल गई है. घटना के करीब 11 महीने बाद मिली इस बेल ने कानूनी गलियारों और सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है. सोनम के वकील दीपेश शर्मा ने MP Tak से एक्सक्लूसिव बातचीत में उन कारणों का खुलासा किया है, जिनकी वजह से कोर्ट ने जमानत मंजूर की.
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किन आधारों पर मिली जमानत?
सोनम रघुवंशी के वकील के मुताबिक, पुलिस द्वारा पेश की गई चार्जशीट और जांच में कई खामियां थीं, जिनका फायदा बचाव पक्ष को मिला. वकील ने मुख्य रूप से दो बड़े बिंदुओं पर जोर दिया:
सबूतों का अभाव: वकील का दावा है कि पुलिस ने चार्जशीट में ऐसे पुख्ता सबूत पेश नहीं किए जो सीधे तौर पर अपराध को सोनम से जोड़ सकें. उन्होंने कहा कि पुलिस के लिए एक टूरिस्ट को ढूंढना और एक अपराधी को ढूंढना, दो अलग बातें हैं.
इरादे पर सवाल: कोर्ट में दलील दी गई कि इस मामले में सोनम का 'मेंस रिया' (Mens Rea) यानी अपराध करने का इरादा स्पष्ट नहीं है. जब तक इरादा साबित नहीं होता, तब तक आरोपी को सलाखों के पीछे रखना कठिन होता है.
कोर्ट की कड़ी शर्तें
भले ही सोनम को जमानत मिल गई हो, लेकिन वे अभी अपने घर इंदौर नहीं लौट सकेंगी. कोर्ट ने करीब 29-30 पन्नों के आदेश में कई कड़ी शर्तें लगाई हैं:
- शिलांग में ही रहना होगा: सोनम को शिलांग कोर्ट के अधिकार क्षेत्र (Jurisdiction) में ही रहना पड़ेगा. वे शहर छोड़कर कहीं बाहर नहीं जा सकतीं.
- अदालती तारीखों पर हाजिरी: उन्हें कोर्ट की हर तारीख पर पेश होना होगा और जांच में सहयोग करना होगा.
- सुरक्षा बॉन्ड: कोर्ट ने जमानत के लिए ₹50,000 का बेल बॉन्ड भी भरवाया है.
- अनुमति अनिवार्य: यदि उन्हें किसी विशेष कारण से बाहर जाना है, तो कोर्ट से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा.
वकील का पक्ष
सोनम के वकील ने साफ किया कि जमानत मिलने का मतलब यह नहीं है कि केस खत्म हो गया है. उन्होंने कहा, "यह केवल एक अंतरिम राहत है. ट्रायल अभी लंबा चलेगा और कई गवाहों व सबूतों का आना बाकी है. मीडिया ने इस केस को काफी हाइप दिया था, लेकिन कानूनी रूप से यह एक सामान्य मर्डर ट्रायल की तरह ही आगे बढ़ रहा है."
क्या थी घटना?
इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की शिलांग यात्रा के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी, जिसके बाद उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी को मुख्य आरोपी बनाया गया था. पुलिस की लापरवाही और चार्जशीट में धाराओं के सही चुनाव को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं.
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