MP: मास्टर जी ने टॉयलेट को बना दिया क्लासरूम, शौचालय में पढ़ते बच्चों की Photo वायरल हुई तो मचा हड़कंप

Khargone News: मध्य प्रदेश के खरगोन में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. एक शासकीय स्कूल के टीचर ने स्कूल बिल्डिंग के बजाय टॉयलेट में नौनिहालों की क्लास लगा दी. जब टॉयलेट में बैठे बच्चों की तस्वीर वायरल हुई तो शिक्षा विभाग के अधिकारी जांच करने पहुंचे. 

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उमेश रेवलिया

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न्यूज़ हाइलाइट्स

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एक शासकीय स्कूल के टीचर ने टॉयलेट में नौनिहालों की क्लास लगा दी.

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जब टॉयलेट में बैठे बच्चों की तस्वीर वायरल हुई तो शिक्षा विभाग के अधिकारी जांच करने पहुंचे. 

Khargone News: मध्य प्रदेश के खरगोन में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. एक शासकीय स्कूल के टीचर ने स्कूल बिल्डिंग के बजाय टॉयलेट में नौनिहालों की क्लास लगा दी. जब टॉयलेट में बैठे बच्चों की तस्वीर वायरल हुई तो हड़कंप मच गया, जिसके बाद शिक्षा विभाग के अधिकारी जांच करने पहुंचे. इस मामले में डीएम ने एक्शन लेते हुए शिक्षकों को निलंबित कर दिया है. 

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पहले से पांचवी तक के छोटे-छोटे बच्चों को टॉयलेट में बैठने के मामले में शनिवार की देर शाम कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने जनशिक्षक कमलेश रेकल और स्कूल प्रभारी शिक्षक अरविंद व्यास को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है.

स्कूल के शर्मनाक हालात 

खरगोन जिले के ग्रामीण अंचलों में सरकारी स्कूल भवनों की हालत बद से बदतर हैं. बदहाल स्कूल भवन मध्य प्रदेश सरकार की शिक्षा व्यवस्था की पोल खोल रहे हैं. कहीं स्कूल भवन नहीं हैं, तो कहीं पर सरकारी स्कूल भवनों की छत टपक रही है. ऐसा ही एक मामला खरगोन जिले के झिरन्या विकासखंड की ग्राम पंचायत बेड़छा के प्राथमिक शासकीय विद्यालय सेमलियामाल में सामने आया, जिसके बाद हड़कंप मच गया है. 

छत टपक रही थी तो टॉयलेट में बैठा दिया

स्कूल भवन की छत टपकने पर स्कूल प्रभारी अरविंद व्यास ने स्कूल के टॉयलेट में ही बच्चों को बैठक क्लास लगा दी. मामले की फोटो वायरल हुई तो प्रशासन हरकत में आया, जिसके बाद भीकनगांव एसडीएम बीएस कनेश और जिला शिक्षा अधिकारी शैलेंद्र क़ानूड़े जांच के लिए पहुंचे. बच्चों को टॉयलेट में बैठाकर पढ़ाने का मामला सही पाया गया, जिसके बाद शिक्षकों पर एक्शन लिया गया.

मरम्मत नहीं करवाई, टॉयलेट को बना दिया क्लासरूम

शासकीय प्राथमिक विद्यालय सेमलियामाल के प्रभारी शिक्षक अरविंद व्यास ने स्कूल भवन की छत टपकने के कारण 15 दिन पहले छत का सीमेंट का टुकड़ा नीचे गिरने के कारण जनशिक्षक कमलेश रेकल को मौखिक सूचना दी थी, लेकिन स्कूल भवन की मरम्मत नहीं कराई गई. इसके चलते शिक्षक ने पास स्थित टॉयलेट भवन में बच्चों को बैठा दिया, हालांकि इस भवन का उपयोग टॉयलेट के लिए नहीं किया जा रहा था.

183 भवनों की मरम्मत के लिए भेजा है प्रस्ताव

मामले को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी शैलेंद्र क़ानूड़े का कहना है कि जिले के 183 भवनों की मरम्मत के लिए प्रस्ताव भेजा गया है. संबंधित स्कूल प्रभारियों को फिलहाल अपने स्तर से मरम्मत करने के लिए कहा गया है.

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