इंदौर में गुंडों का इतना आतंक कि परिवार घर बेचकर शहर छोड़ने को हुआ मजबूर, पुलिस की नाकामी आई सामने

धर्मेंद्र कुमार शर्मा

16 May 2024 (अपडेटेड: May 16 2024 4:44 PM)

इंदौर में एक युवक की हत्या करने वाले गुंडों का खौफ इतना अधिक है कि उनसे परेशान होकर मृतक युवक के परिजन अब शहर छोड़ने को मजबूर हैं और उसके लिए वे अपना घर बेचने तक को तैयार हो गए हैं.

Indore Crime
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Indore News: इंदौर में एक युवक की हत्या आपसी रंजिश में सुपारी देकर करा दी जाती है. इसके बाद मृतक युवक के परिजन इतने अधिक खौफ में आ जाते हैं कि वे शहर छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं. परिजनों ने इसके लिए अपने मकान को बेचने का बोर्ड अपने घर के बाहर लगा दिया है और इसका कारण इंदौर में बढ़ रही गुंडागर्दी को बताया है. ये मामला सामने आने के बाद इंदौर पुलिस की नाकामी खुलकर सामने आ गई है.

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इंदौर के आजाद नगर इलाके में रविवार को मोईन नाम के युवक की हत्या कर दी गई थी. आरोप एक स्थानीय युवक आरिफ खिलजी पर लगा है. आरोप है कि आरिफ खिलजी ने मोईन नाम के युवक की सुपारी देकर हत्या करा दी है. इस घटना के बाद पुलिस ने एक शॉर्ट एनकाउंटर में कुछ आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है. जिनसे इस मामले को लेकर पूछताछ जारी है.

इंदौर शहर में रविवार रात इलाके में रहने वाले एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. हत्याकांड में जहां पुलिस द्वारा मंगलवार रात को गोली मारने वाले आरोपियों को एक एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया गया था लेकिन परिजन इतने डरे हुए हैं कि अब अपने घर को बेचने की बात कह रहे हैं.

वहीं परिवार ने बदमाशों से उनको जान का खतरा बताया है. परिवार अपने घर को बेचकर दूसरे शहर जाने की बात कह रहे हैं. घटना को लेकर मृतक के परिजनों ने  कहा कि पूरी घटना आरिफ खिलजी की बेटी से शादी करने को लेकर ही यह पूरा विवाद उपजा था. परिजनों ने आरोप लगाया कि आठ माह पहले आरिफ खिलजी ने परिजनों को यह धमकी दी थी कि उनकी बेटी के साथ मृतक के भाई  मुजस्सीर द्वारा भाग कर शादी कर ली गई थी और इसी का बदला लेने के लिए उन्होंने रविवार को मोइन को सुपारी देकर मरवा डाला.

परिजनों के आवेदन पर 8 महीने तक पुलिस ने नहीं की कोई कार्रवाई

परिजनों का यह आरोप था कि लगभग 8 माह से वह थाने में यह आवेदन दे रहे थे कि उनके परिवार को आरिफ मंसूरी द्वारा जान से मारने की धमकी दी जा रही है लेकिन उसके बावजूद भी पुलिस ने इस पूरे घटनाक्रम में कोई भी एक्शन नहीं लिया. जिसका खामियाजा यह हुआ कि रविवार को मोइन को गोली मारकर हत्या कर दी गई. वही इस पुरे मामले में डीसीपी विनोद मीणा ने बताया की पीड़ित परिवार ने जो आठ माह पूर्व आवदेन दिया था, उस आवेदन में किसी के नाम का उल्लेख नहीं किया गया था. फ़िर भी आज़ाद नगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया था. वही डीसीपी ने कहा कि पीड़ित परिवार को किसी से डरने कि जरूरत नहीं है. पुलिस प्रशासन पीड़ित परिवार के साथ है. इस पूरे प्रकरण में सभी आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है. और षड्यंत्रकारी आरिफ खिलजी को भी जल्द ही गिरफ़्तार कर लिया जाएगा.

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