Voter ID Cards Found: मध्य प्रदेश में नर्मदा किनारे मिले सैंकड़ों इंदौर के वोटर ID कार्ड, कांग्रेस ने मचाया बवाल

गौरव जगताप

26 Oct 2026 (अपडेटेड: Oct 26 2026 4:39 PM)

मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के मंडलेश्वर में नर्मदा नदी किनारे सफाई अभियान के दौरान बड़ी संख्या में वोटर ID कार्ड मिले हैं. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, ये कार्ड इंदौर की राऊ विधानसभा क्षेत्र से जुड़े हैं. प्रशासन ने कार्ड जब्त कर जांच शुरू कर दी है. वहीं, जिला कांग्रेस अध्यक्ष रवि नायक के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर FIR दर्ज करने और निष्पक्ष जांच की मांग की है. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वोटर ID कार्ड नदी किनारे कैसे पहुंचे और इसके लिए कौन जिम्मेदार है.

नदी किनारे कहां से आए  सैंकड़ों वोटर कार्ड ? जांच में जुटा प्रशासन
वोटर ID Card
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मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के मंडलेश्वर में नर्मदा नदी के किनारे बड़ी संख्या में मतदाता पहचान पत्र (Voter ID Card) मिलने से हड़कंप मच गया. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, ये वोटर ID कार्ड इंदौर जिले की राऊ विधानसभा क्षेत्र से जुड़े बताए जा रहे हैं. मामला सामने आने के बाद कांग्रेस ने इसे गंभीर बताते हुए जांच और FIR दर्ज करने की मांग की है. प्रशासन ने कार्ड जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इतनी बड़ी संख्या में वोटर ID कार्ड नदी किनारे कैसे और कब पहुंचे.

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नर्मदा घाट पर सफाई के दौरान मिले वोटर ID कार्ड

मामला रविवार सुबह का है. मंडलेश्वर में नर्मदा घाट पर निस्वार्थ सेवा समिति की ओर से सफाई अभियान चलाया जा रहा था. इसी दौरान नदी किनारे लावारिस हालत में बड़ी संख्या में वोटर ID कार्ड दिखाई दिए. इसकी सूचना तत्काल प्रशासन को दी गई.सूचना मिलने के बाद राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची. अधिकारियों ने वहां पड़े मतदाता पहचान पत्रों को एकत्रित किया और पंचनामा तैयार किया. शुरुआती जानकारी में इन कार्डों की संख्या हजारों में बताई जा रही है. साथ ही, इनके इंदौर जिले की राऊ विधानसभा क्षेत्र से संबंधित होने की बात सामने आई है. हालांकि, कार्डों की वास्तविक संख्या और उनसे जुड़ी पूरी जानकारी की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.

कांग्रेस ने मंडलेश्वर थाने के सामने किया प्रदर्शन

नर्मदा किनारे वोटर ID कार्ड मिलने की जानकारी सामने आने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंडलेश्वर थाने के सामने प्रदर्शन किया. जिला कांग्रेस अध्यक्ष रवि नायक के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ता थाने पहुंचे और पुलिस को आवेदन सौंपकर FIR दर्ज करने की मांग की.
कांग्रेस ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और मतदाता पहचान पत्रों के वहां पहुंचने के पीछे जिम्मेदार लोगों की पहचान कर कार्रवाई करने की मांग उठाई. पार्टी की ओर से नर्मदा नदी में तलाशी अभियान चलाने की मांग भी की गई, ताकि यह पता लगाया जा सके कि नदी किनारे या आसपास और भी मतदाता पहचान पत्र तो नहीं पड़े हैं.

कांग्रेस ने जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की

जिला कांग्रेस अध्यक्ष रवि नायक ने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी संख्या में मतदाता पहचान पत्र नर्मदा नदी के किनारे कैसे पहुंचे. उन्होंने मामले को गंभीर बताते हुए इसकी निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की. कांग्रेस का कहना है कि मतदाता पहचान पत्रों का इस तरह लावारिस हालत में मिलना गंभीर विषय है. पार्टी ने पुलिस से पूरे मामले की जांच कर यह पता लगाने की मांग की है कि कार्ड वहां किसने और किन परिस्थितियों में पहुंचाए. हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि इस मामले में किसी स्तर पर लापरवाही हुई है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है. इसकी वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी. 

प्रशासन ने अधिकारियों की टीम भेजी

महेश्वर की एसडीएम पूर्वा मंडलोई ने बताया कि मामले की जांच के लिए तहसीलदार और अन्य अधिकारियों को मौके पर भेजा गया है. टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर पंचनामा तैयार किया है. उन्होंने कहा कि फिलहाल कार्डों की संख्या के बारे में पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है. जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी. एसडीएम के मुताबिक, जांच में जो भी व्यक्ति जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

कांग्रेस के आवेदन पर थाना प्रभारी को सौंपी जांच

मंडलेश्वर की एसडीओपी श्वेता शुक्ला ने बताया कि नर्मदा घाट पर सफाई अभियान के दौरान वोटर ID कार्ड मिलने की सूचना प्राप्त हुई थी. इसके बाद राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्ड जब्त किए. उन्होंने बताया कि कांग्रेस की ओर से भी पुलिस को आवेदन दिया गया है. मामले की जांच थाना प्रभारी को सौंपी गई है. जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

वोटर ID कार्ड मिलने से चुनावी प्रक्रिया पर उठे सवाल

नर्मदा नदी के किनारे बड़ी संख्या में मतदाता पहचान पत्र मिलने के मामले ने मतदाता पहचान पत्रों की सुरक्षा और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. फिलहाल प्रशासन और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रहे हैं. जांच में यह पता लगाया जाएगा कि ये कार्ड किसके हैं, राऊ विधानसभा क्षेत्र से जुड़े मतदाता पहचान पत्र मंडलेश्वर तक कैसे पहुंचे और इन्हें नदी किनारे किसने छोड़ा. इसके अलावा, यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि मामले में किसी की लापरवाही सामने आती है या इसके पीछे कोई अन्य वजह है. फिलहाल प्रशासन ने वोटर ID कार्ड जब्त कर जांच शुरू कर दी है. मामले में किसी की जिम्मेदारी या संभावित अनियमितता की पुष्टि अभी नहीं हुई है. जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.

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