इन दो रीजन में बीजेपी और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर, कुछ सीटों का अंतर बदल देगा MP की सरकार

एमपी तक

03 Nov 2023 (अपडेटेड: Nov 3 2023 7:47 AM)

MP Election 2023: मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव अब अपने चरम पर पहुंच चुका है. सभी 230 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार बीजेपी, कांग्रेस सहित सभी दलों के तय हो चुके हैं और अब तक 7 ओपिनियन पोल सामने आ चुके हैं, जिसमें बीजेपी की तुलना में कांग्रेस को बढ़त बनाते हुए दिखाया गया है. लेकिन दो ऐसे […]

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MP Election 2023: मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव अब अपने चरम पर पहुंच चुका है. सभी 230 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार बीजेपी, कांग्रेस सहित सभी दलों के तय हो चुके हैं और अब तक 7 ओपिनियन पोल सामने आ चुके हैं, जिसमें बीजेपी की तुलना में कांग्रेस को बढ़त बनाते हुए दिखाया गया है. लेकिन दो ऐसे रीजन हैं, जहां पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच बेहद कांटे का मुकाबला है. कुछ ही सीटों का अंतर मध्यप्रदेश की सरकार को बदल देने की क्षमता रखता है. अब इन दो रीजन पर बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही सबसे ज्यादा फोकस करती हुई दिख रही हैं.

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ये दो रीजन हैं महाकौशल और बुंदेलखंड. दरअसल जितने भी ओपिनियन पोल अब तक सामने आए हैं, इन दो रीजन में बीजेपी और कांग्रेस के बीच कांटे का मुकाबला दिखा रहे हैं. सर्वे रिपोर्ट्स और ओपिनियन पोल के अनुसार महाकौशल व बुंदेलखंड में बीजेपी और कांग्रेस के बीच बेहद कांटे का मुकाबला है और दोनों ही रीजन में दोनों पार्टियों के बीच सिर्फ दो से तीन सीटों का अंतर बताया जा रहा है.

महाकौशल रीजन मुख्य रूप से कमलनाथ का गढ़ माना जाता है. कमलनाथ खुद भी छिंदवाड़ा की सीट से चुनावी मैदान में हैं. टाइम्स नाउ का लेटेस्ट ओपिनियन पोल बता रहा है कि बीजेपी को 16-20 सीटें मिलती दिख रही हैं तो वहीं कांग्रेस को 18-22 विधानसभा सीटें मिलने की संभावनाएं इस सर्वे में बताई गई हैं. जाहिर है कि महाकौशल में कांग्रेस को बीजेपी पर सिर्फ दो सीटों की बढ़त बनाते हुए दिखाया गया है.

ऐसे में बीजेपी के सामने महाकौशल में मौका है, जहां पर वह कांग्रेस की इस बढ़त को आसानी से कम कर सकती है. हालांकि जबलपुर और छिंदवाड़ा की मेयर सीटें बीजेपी यहां नगरीय निकाय के चुनाव में गंवा चुकी हैं. यहां मेयर कांग्रेस के हैं. ऐसे में बीजेपी के रणनीतिकारों को सोचना होगा कि कमलनाथ के गढ़ में कांग्रेस को मात देने के लिए सिर्फ दिग्गज नेताओं के जनसभाएं करने से ही कुछ नहीं होगा, बूथ स्तर तक जाकर बीजेपी को मजबूत करना होगा.

बुंदेलखंड में सबसे ज्यादा कांटे की टक्कर

टाइम्स नाउ का यह सर्वे बता रहा है कि कांग्रेस और बीजेपी के बीच सबसे ज्यादा कांटे की टक्कर बुंदेलखंड रीजन में ही है. यहां पर बीजेपी को 13 से 15 सीटें मिलते हुए दिखाया गया है तो वहीं कांग्रेस के खाते में 11 से 13 सीटें जाने की संभावनाएं जताई गई हैं. यहां बीजेपी और कांग्रेस के बीच बेहद नजदीकी मुकाबला है. लोधी वोटर्स निर्णायक भूमिका में हैं और कांग्रेस व बीजेपी दोनों ही पार्टियों ने इस क्षेत्र में लोधी प्रत्याशी आमने-सामने किए हैं.

बुंदेलखंड के पलायन, पेयजल जैसे बुनियादी मुद्दों को लेकर दोनों ही पार्टियां एक दूसरे के खिलाफ जमकर माहौल बना रही हैं. ऐसे में बुंदेलखंड में पलड़ा किस पार्टी की तरफ मुड़ जाए, कहना मुश्किल है. कुल मिलाकर बुंदेलखंड के आंकड़े मध्यप्रदेश में जीत-हार के गणित को काफी हद तक प्रभावित करेंगे. परिणाम का वास्तविक असर 3 दिसंबर को ही सबके सामने देखने को मिलेगा.

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