भोपाल की जानी-मानी मॉडल और साउथ फिल्म अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला अब बेहद संवेदनशील और निर्णायक दौर में पहुंच चुका है. मामले की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने ट्विशा की सास व पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह से गहन पूछताछ शुरू कर दी है. कोर्ट से 5 दिनों की रिमांड मिलने के बाद जांच एजेंसी ने दोनों को घेरने के लिए 50 से भी ज्यादा तीखे और गहरे सवालों की एक लंबी लिस्ट तैयार की है, जिसमें मां-बेटे की जोड़ी उलझती नजर आ रही है.
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सीबीआई के वो तीखे सवाल
सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई ने शुरुआती दौर में ही पूर्व जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ से कई तीखे सवाल पूछे हैं. जांच अधिकारियों ने सबसे बड़ा सवाल उनकी मंशा पर उठाया कि, "अगर आप दोनों पूरी तरह निर्दोष थे, तो एफआईआर (FIR) दर्ज होने से पहले ही अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) लेने के लिए कानूनी सुरक्षा की गुहार क्यों लगाने लगे?"
इसके साथ ही, वारदात के बाद से ही समर्थ के फरार होने को लेकर भी सीबीआई ने कड़ा रुख अपनाया है. जांच एजेंसी ने पूछा कि अगर समर्थ का इस घटना से कोई लेना-देना नहीं था, तो वह पुलिस के सामने आने के बजाय छिप क्यों रहा था? गौरतलब है कि शुक्रवार को जब गिरिबाला सिंह को भोपाल की अदालत में पेश किया गया, तो यह एक बड़ा संयोग था कि जिस अदालत की कुर्सी पर बैठकर वह कभी न्याय सुनाती थीं, वहीं आज उन्हें खुद एक आरोपी के रूप में खड़ा होना पड़ा.
80 किलो की डमी से खुलेगा फंदे का राज
इस पूरे केस का सबसे महत्वपूर्ण और रहस्यमयी हिस्सा ट्विशा की मौत का वो कथित घटनाक्रम है जो ससुराल पक्ष ने बताया है. पति समर्थ का दावा है कि उसने ट्विशा को फंदे से नीचे उतारा था, जबकि फंदे की गांठ खोलने का काम उसकी मां यानी पूर्व जज गिरिबाला सिंह ने किया था.
सीबीआई इस दावे की वैज्ञानिक और व्यावहारिक सच्चाई परखने के लिए जल्द ही कटारा हिल्स स्थित घटना स्थल पर 'क्राइम सीन रीक्रिएशन' (Crime Scene Recreation) करने जा रही है. इसके लिए लगभग 80 किलो वजनी एक डमी (पुतले) का इस्तेमाल किया जाएगा. जांच टीम यह देखना चाहती है कि मां-बेटे ने फंदे को जिस तरह से खोलने और लाश को उतारने की बात कही है, क्या वह मौके की परिस्थितियों और इंसानी क्षमता के हिसाब से मेल खाती है या नहीं.
वैज्ञानिक परीक्षण और क्रॉस-वेरिफिकेशन की तैयारी
सीबीआई की टीम घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण कर चुकी है और दोनों आरोपियों के शुरुआती बयान दर्ज किए जा चुके हैं. अब एजेंसी उन बयानों का वैज्ञानिक परीक्षण कर रही है. रणनीति के तहत जांच अधिकारी पहले गिरिबाला सिंह और समर्थ से अलग-अलग कमरों में पूछताछ कर रहे हैं. इसके बाद जिन भी बिंदुओं पर दोनों के जवाबों में अंतर या विरोधाभास (Contradiction) मिलेगा, उन्हें आमने-सामने बिठाकर जवाब तलब किया जाएगा.
मायके पक्ष द्वारा लगातार हत्या का आरोप लगाए जाने के बीच, सीबीआई का यह कड़ा रुख और वैज्ञानिक जांच ही अब यह साफ करेगी कि ट्विशा की मौत महज एक आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई गहरी और खौफनाक साजिश छिपी हुई है.
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