Twisha Sharma case: हाई प्रोफाइल ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक बहुत बड़ी कार्रवाई की है. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत रद्द होने के महज 24 घंटे के भीतर, सीबीआई ने ट्विशा की सास और पूर्व महिला जज गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार कर लिया है.
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गुरुवार यानी 28 मई की सुबह सीबीआई की तीन सदस्यीय टीम अचानक गिरिबाला सिंह के भोपाल स्थित कटारा हिल्स घर पहुंची. वहां करीब 6 घंटे तक पूछताछ चली जिसके दौरान घर का डिजिटल नक्शा भी तैयार किया गया. इसके बाद सीबीआई ने पूर्व जज को अपनी कस्टडी में ले लिया. सीबीआई अब इस हाई प्रोफाइल मामले की आगे की जांच के लिए भोपाल में एक विशेष कैंप ऑफिस बनाने जा रही है, जिसके लिए भोपाल पुलिस कमिश्नर से जगह मांगी गई है.
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा मामला 33 वर्षीय ट्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत से जुड़ा है. नोएडा की रहने वाली ट्विषा शर्मा काफी योग्य थीं—वह एमबीए पास थीं, 'मिस पुणे' का खिताब जीत चुकी थीं और एक तेलुगु फिल्म में भी काम कर चुकी थीं. दिसंबर 2025 में उनकी शादी पूर्व जज गिरिबाला सिंह के वकील बेटे समर्थ सिंह से हुई थी.
शादी के महज 5 महीने बाद, 12 मई 2026 को ट्विषा की लाश उनके ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मिली. शुरुआत में इसे आत्महत्या या संदिग्ध मौत माना जा रहा था, लेकिन जब ट्विषा के मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना और गंभीर मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए, तो मामले ने तूल पकड़ लिया और जांच सीबीआई को सौंप दी गई. इस मामले में ट्विषा के पति समर्थ सिंह को सीबीआई पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है.
हाई कोर्ट ने क्यों रद्द की थी अग्रिम जमानत?
बुधवार 27 मई को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के जस्टिस देवारायण मिश्रा की एकलपीठ ने निचली अदालत द्वारा पूर्व जज गिरिबाला सिंह को दी गई अग्रिम जमानत को खारिज कर दिया था. हाई कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा था कि:
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट, व्हाट्सएप चैट और गवाहों के बयानों को देखते हुए निचली अदालत का जमानत का फैसला सही नहीं था.
- आरोपी पूर्व जज जांच में सहयोग नहीं कर रही थीं.
- जमानत पर बाहर रहते हुए वह प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मृतिका पर ही कई तरह के आरोप लगा रही थीं.
CBI ने कोर्ट में किए ये 3 चौंकाने वाले खुलासे
हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान सीबीआई ने केस से जुड़े कई बेहद गंभीर और चौंकाने वाले दावे पेश किए:
- शारीरिक चोटों के निशान: पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, ट्विषा के गले के अलावा शरीर पर कई अन्य चोटों (Antemortem injuries) के निशान थे. मेडिकल रिपोर्ट से साफ है कि ये चोटें शव को फंदे से उतारते समय नहीं आईं, जिसका ससुराल पक्ष के पास कोई जवाब नहीं है.
- व्हाट्सएप चैट से खुलासा: जांच में सामने आई व्हाट्सएप चैट से पता चला है कि ट्विषा के प्रेग्नेंट होने के बाद उनकी सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ ने उनके चरित्र पर शक किया और उन पर गर्भपात (Abortion) कराने का भारी दबाव बनाया था.
- सबूतों से छेड़छाड़ का आरोप: सीबीआई के अनुसार, पूर्व जज गिरिबाला सिंह ने सोशल मीडिया पर वीडियो का केवल एक चुनिंदा हिस्सा ही साझा किया और सबूतों को मिटाने या उनके साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश की. इसी आरोप में उनकी गिरफ्तारी की गई है.
मौत वाली रात ट्विषा ने अपने परिवार से फोन पर बात करते हुए ससुराल का घर छोड़ने की बात कही थी, जो इस बात का बड़ा सबूत है कि वह किस कदर मानसिक प्रताड़ना से गुजर रही थीं. कभी दूसरों को इंसाफ का पाठ पढ़ाने वाली पूर्व जज अब खुद सलाखों के पीछे हैं और सीबीआई इस रहस्यमई मौत की हर परत को खंगालने में जुटी है
यहां देखें वीडियो:
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