ट्विशा शर्मा मौत मामले में बड़ा खुलासा: 20 लाख के शेयर्स और डिलीट चैट्स बनी पहेली, पति और सास 5 दिन की CBI रिमांड पर

ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में सीबीआई ने उनके पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को 5 दिनों की रिमांड पर लिया है. जांच एजेंसी अब मौत की रात डिलीट किए गए वॉट्सऐप चैट्स को रिकवर करने और 20 लाख के शेयर्स को लेकर हुए पारिवारिक विवाद की जांच में जुटी है.

ट्विशा शर्मा
ट्विशा शर्मा

आशुतोष शुक्ला

follow google news

मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के हाई-प्रोफाइल मामले में देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआई (CBI) की एंट्री के बाद हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. पूर्व जज की बहू ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में सीबीआई की स्पेशल क्राइम यूनिट ने अब अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. भोपाल की विशेष अदालत ने ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को 5 दिनों की सीबीआई कस्टडी (रिमांड) में भेज दिया है.

Read more!

अब सीबीआई की जांच का सबसे बड़ा कांटा ₹20 लाख के शेयर्स, बैंक अकाउंट्स और मौत की रात डिलीट किए गए आखिरी चंद घंटों के वॉट्सऐप (WhatsApp) चैट लॉक्स बन चुके हैं.

मौत की रात के डिलीटेड चैट्स खोलेंगे राज?

सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, 12 मई की रात को ट्विशा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी. जांच में सामने आया है कि मौत के ठीक बाद ट्विशा के फोन से आखिरी घंटों के वॉट्सऐप चैट्स और डिजिटल डेटा को डिलीट कर दिया गया था. सीबीआई की तकनीकी टीम अब उन डिलीटेड मैसेजेस को रिकवर करने की कोशिश कर रही है ताकि यह साफ हो सके कि मौत से ठीक पहले ट्विशा और उनके ससुराल वालों के बीच आखिरी बातचीत क्या हुई थी.

क्या ₹20 लाख के शेयर्स बने मौत की वजह?

इस पूरे मामले में एक बड़ा वित्तीय (Financial) एंगल भी सामने आया है. जांचकर्ताओं के अनुसार, ट्विशा के नाम पर ₹20 लाख के शेयर्स थे. ट्विशा के मायके पक्ष का आरोप है कि पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह इन शेयरों को अपने नाम पर जबरन ट्रांसफर करवाना चाहते थे. सीबीआई अब इस बात की गहनता से पड़ताल कर रही है कि क्या इन वित्तीय संपत्तियों को लेकर हुआ विवाद ही ट्विशा की मौत की मुख्य वजह बना.

दहेज प्रताड़ना और जबरन गर्भपात का आरोप

ट्विशा के परिवार का सीधा आरोप है कि शादी के बाद से ही उसे लगातार पैसों और दहेज के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था. परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि ट्विशा पर नौकरी छोड़ने और उसका जबरन गर्भपात (Abortion) कराने का भी दबाव बनाया जा रहा था.

शुरुआत में इस मामले में भोपाल के कटारा हिल्स थाने में दहेज मृत्यु (Dowry Death) के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसके बाद पति समर्थ सिंह को स्थानीय पुलिस ने गिरफ्तार किया था. मामला गंभीर और हाई-प्रोफाइल होने के कारण मध्य प्रदेश सरकार और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर जांच सीबीआई को सौंप दी गई. सीबीआई ने कल शाम नई एफआईआर दर्ज करते हुए सास गिरिबाला सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया.

AIIMS दिल्ली की टीम ने किया दोबारा पोस्टमार्टम

सीबीआई इस केस की तह तक जाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है. जांच एजेंसी ने भोपाल स्थित घटनास्थल (Crime Scene) पर जाकर पूरे मामले को रिक्रिएट किया है. यही नहीं, सच्चाई का पता लगाने के लिए ट्विशा के शव का दोबारा पोस्टमार्टम एम्स (AIIMS) दिल्ली की एक्सपर्ट्स डॉक्टरों की टीम से कराया गया है, ताकि शरीर पर मौजूद हर छोटे से छोटे निशान की हकीकत सामने आ सके.

कोर्ट में सुनवाई के दौरान आरोपियों के वकीलों ने सीबीआई रिमांड का कोई विरोध नहीं किया. अब अदालत ने दोनों आरोपियों को 2 जून तक सीबीआई कस्टडी में भेजा है, जहां जांच एजेंसी सबूतों से छेड़छाड़, गवाहों को डराने की आशंका और दहेज के आरोपों को लेकर दोनों से आमने-सामने बिठाकर पूछताछ करेगी.

 

    follow google news