उज्जैन: कब हटेगी 170 साल पुरानी खड़े हनुमान जी की मूर्ति? 4 बार नाकाम हुआ प्रयास, अब प्रशासन ने बनाया ये प्लान

आशुतोष शुक्ला

• 07:00 PM • 30 Sep 2026

Ujjain News: उज्जैन में सिंहस्थ 2028 के लिए सड़क चौड़ीकरण के दौरान 170 साल पुरानी खड़े हनुमान जी की प्रतिमा को स्थानांतरित करने का प्रयास जारी है. चार बार भारी मशीनों के असफल होने के बाद अब जिला प्रशासन ASI और तकनीकी विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर सर्वसम्मत निर्णय लेने की योजना बना रहा है.

हनुमान जी की मूर्ति को हटना बना चुनौती
हनुमान जी की मूर्ति को हटना बना चुनौती
Google CTA

Ujjain News: उज्जैन में साल 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ की तैयारियों के तहत बुनियादी ढांचे का विस्तार किया जा रहा है. शहर में यातायात को सुगम और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से कोयला फाटक से सती गेट होते हुए छतरी चौक तक 1.13 किलोमीटर लंबी सड़क को 15 मीटर चौड़ा करने का करीब ₹15 करोड़ का प्रोजेक्ट चल रहा है. हालांकि, इस चौड़ीकरण परियोजना के दायरे में आने वाले धार्मिक स्थलों में से कंठाल से छतरी चौक के बीच स्थित 170 साल पुराना खड़े हनुमान मंदिर पूरे देश में कौतूहल और चर्चा का विषय बन गया है.

Read more!

चार बार भारी मशीनें हुईं नाकाम, श्रद्धालुओं ने माना 'चमत्कार'

प्रशासन द्वारा मंदिर के ऊपरी ढांचे को हटा दिया गया था, लेकिन जब मुख्य प्रतिमा को स्थानांतरित करने की बात आई तो नगर निगम की भारी-भरकम मशीनें भी बेअसर साबित हुईं. लगातार चार बार प्रयास किए जाने के बावजूद हनुमान जी की प्रतिमा अपनी जगह से थोड़ी भी नहीं हिली.

स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं द्वारा इसे हनुमान जी का विशेष चमत्कार माना जा रहा है. इस घटनाक्रम के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद महाकाल दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु भी अब खड़े हनुमान जी के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं.

बिना पुख्ता रिपोर्ट के जल्दबाजी के मूड में नहीं प्रशासन

लगातार हो रही विफलता और श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन व नगर निगम ने अब किसी भी तरह की जल्दबाजी से इंकार कर दिया है.

नींव की गहराई का परीक्षण: विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतिमा का आधार जमीन में काफी गहराई तक हो सकता है या इसकी स्थापना की प्राचीन तकनीक विशिष्ट प्रकार की रही होगी.
ASI और तकनीकी विशेषज्ञों की मदद: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) और इंजीनियरिंग विशेषज्ञों द्वारा प्रतिमा की संरचना और नींव का परीक्षण किया जाएगा.
सुरक्षित स्थानांतरण: विशेषज्ञों की हरी झंडी और वैज्ञानिक रिपोर्ट मिलने के बाद ही प्रतिमा को बिना कोई नुकसान पहुंचाए स्थानांतरित करने की तारीख और प्रक्रिया तय की जाएगी.

धार्मिक संगठनों और स्थानीय रहवासियों का विरोध

बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद (VHP) तथा स्थानीय निवासियों के साथ-साथ कई राजनीतिक नेताओं ने प्रतिमा को उसके मूल स्थान से हटाने का कड़ा विरोध किया है. मंदिर स्थल के पास एक बोर्ड लगाकर प्रतिमा को यथास्थान बनाए रखने की मांग की जा रही है और इसके समर्थन में हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया है.

प्रशासन का कहना है कि सिंहस्थ 2028 के विकास कार्यों के साथ-साथ उज्जैन की आस्था और ऐतिहासिक विरासत का संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है. इसलिए सभी पक्षों, श्रद्धालुओं और विशेषज्ञों के साथ संवाद स्थापित कर सर्वसम्मत समाधान निकाला जाएगा.

यह भी पढ़ें: Ujjain Hanuman Mandir: क्यों नहीं हट रहे 'खड़े हनुमान जी'? पुजारी ने खोल दिया बड़ा राज!