MP News: महाकाल की नगरी उज्जैन में एक अनोखा मामला सामने आया है. सावन माह में भक्त भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए तरह-तरह के जतन करते हैं. लेकिन, उज्जैन में सावन के महीने में एक भक्त ने शिवलिंग का अपने रक्त (खून) से अभिषेक कर दिया. हैरानी की बात यह है कि शिव मंदिर में 21 पंडितों ने मंत्रोच्चार के साथ यह अभिषेक करवाया. रक्ताभिषेक करने वाला भक्त कुछ समय पहले ही अपनी जांघ की चमड़ी से अपनी मां के लिए चरण पादुकाएं बनवाकर चर्चा में आया था.
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दरअसल, हाल ही में वायरल एक वीडियो में उज्जैन निवासी रौनक गुर्जर नामक शख्स शिवलिंग का अपने खून से अभिषेक करता हुआ दिखाई दे रहा है. इसके लिए मंत्रोच्चार के बीच रौनक के हाथ से नीडल के जरिए काफी देर तक खून निकाला गया.
क्या है रौनक गुर्जर का तर्क?
रौनक गुर्जर ने बिलकेश्वर महादेव मंदिर में 21 पंडितों की मौजूदगी में यह अभिषेक करवाया. रक्त से अभिषेक करने वाले भक्त का तर्क था कि रावण ने भी अपने सिर काटकर भगवान शिव को समर्पित किए थे.
इस मामले में महाकाल मंदिर के पुरोहित लोकेंद्र व्यास का कहना है कि वैदिक परंपरा के अनुसार भगवान शिव का सात्विक वस्तुओं (दूध, दही घी आदि) से अभिषेक किया किया जाता है, लेकिन रक्त जैसी चीज तामसिक होती है, इसलिए खून आदि से अभिषेक करना पूरी तरह गलत है.
चमड़ी चप्पल बनाने के बाद चर्चा में आया था रौनक
बता दें कि उज्जैन के ढांचा भवन इलाके में रहने वाला रौनक गुर्जर ने बीते मार्च माह में अपनी जांघ की चमड़ी से चरण पादुकाएं बनवाकर अपनी मां को पहना दी थीं. रौनक कुख्यात हिस्ट्रीशीटर रह चुका है. एक केस में आरोपी बने रौनक के पैर में पुलिस ने गोली मार दी थी.
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