ई-बजट पर हंगामा: कमलनाथ और गोविंद सिंह ने लौटाया टैबलेट, कहा- यह विधानसभा की परंपरा नहीं

इज़हार हसन खान

02 Mar 2023 (अपडेटेड: Mar 2 2023 10:04 AM)

MP Budget 2023-24: मध्यप्रदेश विधानसभा में सरकार ने इस बार पेपरलेस यानि ई-बजट पेश किया गया, इसके साथ ही पक्ष और विपक्ष के सभी विधायकों को एपल कंपनी के टैबलेट बांटे गए हैं, जिनकी कीमत 1 लाख रुपए है. ई-बजट को लेकर जमकर सियासत हो रही है. गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री एवं मध्य प्रदेश कांग्रेस […]

Kamal Nath said- Police lodged an FIR in the Mhow case only on complainant Kailash Vijayvargiya reached the victim house
Kamal Nath said- Police lodged an FIR in the Mhow case only on complainant Kailash Vijayvargiya reached the victim house
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MP Budget 2023-24: मध्यप्रदेश विधानसभा में सरकार ने इस बार पेपरलेस यानि ई-बजट पेश किया गया, इसके साथ ही पक्ष और विपक्ष के सभी विधायकों को एपल कंपनी के टैबलेट बांटे गए हैं, जिनकी कीमत 1 लाख रुपए है. ई-बजट को लेकर जमकर सियासत हो रही है. गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री एवं मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमलनाथ ने बजट के दौरान वितरित किया गया टैबलेट लौटाकर मामले को और तूल दे दिया. उनके साथ नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने भी अपना टैबलेट वापस कर दिया.

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कमलनाथ ने टैबलेट लौटाने के तीन कारण बताए हैं- पहला टेबलेट देना विधानसभा की परंपरा के अनुरूप नहीं है. दूसरा,यह टेबलेट ‘असेंबल्ड इन चाइना’ है. तीसरा, उन्हें इस टेबलेट की आवश्यकता नहीं है. कमलनाथ से पहले टैबलेट का विरोध शुरू करने वाले नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने भी टैबलेट लौटा दिया है. अब माना जा रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष ने जब खुद ही टैबलेट लौटा दिया है तो कांग्रेस के सभी विधायक भी टैबलेट लौटा सकते हैं.

बता दें कि कांग्रेस ने ई-बजट का जमकर विरोध कर रही है. टैबलेट का विरोध करने की वजह ये थी कि सभी विधायकों को टैबलेट चलाना नहीं आता है, ऐसे में वह बजट कैसे पढ़ेंगे.

शिक्षा मंत्री मोहन यादव के बयान का बन रहा मजाक
इस बीच मध्य प्रदेश सरकार के कुछ मंत्री ऐसे भी हैं, जिन्हें टैबलेट का नाम तक नहीं पता. प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव का टेक्नोलॉजी ज्ञान देखिए, मोहन यादव एपल के टैबलेट को अपोलो का टेबलेट बता रहे हैं, जबकि अपोलो कंपनी सिर्फ टायर बनाती है. मंत्री जी का कहना है कि अपोलो कंपनी के जो टेबलेट विधायकों को दिए गए हैं. वह बहुत बढ़िया हैं. हालांकि बाद में नाम ध्यान आने के बाद मंत्री जी दोबारा मीडिया के पास आए और अपोलो नाम को सुधारकर एपल टैबलेट बोलने लगे.

टैबलेट पर फिसली मंत्री जी की जुबान.

कांग्रेस ने कहा- टैबलेट मेड इन चाइना
पेपरलेस बजट को लेकर कांग्रेस विधायक सरकार को घेरने में जुटे हैं. कांग्रेस नेताओं ने टैबलेट का विरोध किया है, वहीं कांग्रेस ने प्रेसवार्ता कर खुलासा किया था कि यह टेबलेट चाइना मेड है. वहीं जब टैबलेट के बारे में मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि अपोलो कंपनी के टैबलेट को लेकर कोई बात आई तो अपोलो कंपनी की तो पूरे देश में लोकप्रियता है. उस कंपनी की विश्वसनीयता है. अब कांग्रेस को कुछ तो चाहिए खाली बैठे बैठे तो उनका काम नहीं चलेगा.

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मोहन यादव ने दी कांग्रेस को सकारात्मक राजनीति की सलाह
मोहन यादव ने कहा- उन्होंने सदन में जिस ढंग से रोल अदा किया, वह भी अच्छा नहीं था. जो अब जो कर रहे हैं और बुरा कर रहे हैं. हालांकि मीडिया से बात करने के बाद मंत्री को एहसाेस हुआ कि वह एपल को अपोलो बोल गए तो फिर मामला संभालने के लिए वह वापस लौटे और कहा कि कांग्रेस के नेता प्रदेश के अलावा अपने देश के नेताओं की ओर झांक के देख लें सोनिया गांधी, राहुल गांधी एपल कंपनी का फोन ही यूज करते हैं. या कोई और अगर वो यूज कर रहे हैं तो यह उन से बढ़कर हो गए क्या? ज्यादा अच्छा होगा कि जो अच्छी कंपनियां हैं उनको अच्छे ढंग से लें और सकारात्मक राजनीति करें.