मात्र 2 मिनट की देरी और सालभर की मेहनत मिट्टी में, NEET परीक्षा केंद्र के बाहर बेटी से लिपटकर रोया बेबस पिता, Video वायरल

मध्य प्रदेश के विदिशा में मात्र 2 मिनट की देरी के कारण छात्रा रागिनी विश्वकर्मा NEET परीक्षा देने से वंचित रह गई. परीक्षा केंद्र के बाहर रोते बेबस पिता का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल. पूरी खबर पढ़ें.

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बेटी परीक्षा नहीं दे पाई तो पिता का सब्र टूटा.

विवेक सिंह ठाकुर

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Vidisha viral video:  सोशल मीडिया पर इस समय एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे देखकर किसी भी पत्थर दिल इंसान की आंखों में आंसू आ जाएं. वीडियो मध्य प्रदेश के विदिशा का है, जहां एक परीक्षा केंद्र के बंद लोहे के गेट के बाहर एक मजबूर पिता हताशा सिर पीट लिया और वहीं लेट गया.अपनी रोती हुई बेटी को गले लगाकर खुद भी फूट-फूटकर रोने लगा. यह बेबसी और लाचारी उस पिता की है जिसकी बेटी कड़े नियमों की बलि चढ़कर नीट (NEET) की परीक्षा देने से महरूम रह गई.

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70 किलोमीटर का सफर, बारिश और पंचर ने बिगाड़ा खेल 

यह पूरा मामला विदिशा परीक्षा केंद्र का है. कुरवाई तहसील के ग्राम कुल्हा की रहने वाली छात्रा रागिनी विश्वकर्मा अपने पिता उमेश विश्वकर्मा के साथ नीट की परीक्षा देने आई थी. दोनों ने परीक्षा केंद्र पहुंचने के लिए अपनी बाइक से 70 किलोमीटर का लंबा और कठिन सफर तय किया था, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. रास्ते में अचानक तेज बारिश शुरू हो गई और इसी बीच उनकी बाइक भी पंचर हो गई. तमाम मुसीबतों और बाधाओं को पार करते हुए जब पिता-बेटी परीक्षा केंद्र पहुंचे, तो वो मात्र 2 मिनट लेट हो चुके थे. 

अंदर बुलाकर बाहर का रास्ता दिखाया, लॉक हो चुका था बायोमेट्रिक 

बताया जा रहा है कि शुरुआत में रागिनी को गेट के अंदर तो बुला लिया गया था, लेकिन समय बीत जाने के कारण सिस्टम में उसकी बायोमेट्रिक अटेंडेंस लॉक हो चुकी थी. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के डिजिटल सिस्टम में बायोमेट्रिक न हो पाने की वजह से रागिनी को वापस परीक्षा केंद्र से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया. बाहर आते ही रागिनी अपने पिता के गले लगकर फूट-फूट कर रोने लगी. बेटी की सालभर की मेहनत को इस तरह बर्बाद होता देख पिता का सब्र भी टूट गया और वह बदहवास होकर जमीन पर गिर पड़े. 

अधिकारियों का तर्क: कड़े नियमों के आगे सिस्टम मजबूर 

इस पूरे मामले पर जब परीक्षा अधिकारियों से बात की गई, तो उन्होंने नियमों का हवाला देते हुए पल्ला झाड़ लिया. अधिकारियों का कहना था कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के दिशा-निर्देश बेहद सख्त हैं. तय समय के बाद सुरक्षा और पारदर्शिता के लिहाज से डिजिटल गेट और बायोमेट्रिक सिस्टम अपने आप पूरी तरह लॉक हो जाते हैं, जिसमें परीक्षा केंद्र स्तर पर चाहकर भी कोई बदलाव या मानवीय हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता. 

पेपर लीक न होता तो रागिनी को न देखना पड़ता यह दिन 

बेशक, परीक्षाओं में पारदर्शिता और नियमों का पालन होना जरूरी है, लेकिन इस घटना ने सिस्टम की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. रागिनी इससे पहले भी नीट की परीक्षा दे चुकी थी, लेकिन पेपर लीक होने की वजह से उसे दोबारा परीक्षा देनी पड़ रही थी. अब सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि अगर पिछली बार नीट का पेपर लीक नहीं हुआ होता, तो रागिनी को दोबारा परीक्षा देने के लिए 70 किलोमीटर दूर नहीं आना पड़ता. अगर NTA ने ऐसी मुस्तैदी और कड़ाई पिछली बार दिखाई होती, तो आज एक होनहार छात्रा का भविष्य दांव पर न लगता. फिलहाल यह वीडियो पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है और हर कोई इस बेबस पिता और बेटी के लिए न्याय की मांग कर रहा है. 

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