Sironj Girls Bus Fare Protest: मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के सिरोंज में आखिरकार छात्राओं (Gen Alpha) की मांग मान ली गई है. कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल की छात्राओं ने बस का किराया बढ़ाए जाने के खिलाफ प्रदर्शन किया था. इसके बाद प्रशासन ने उनकी मांग मानते हुए बढ़ा हुआ किराया वापस घटा दिया. अब छात्राएं पहले की तरह सिर्फ 10 रुपये किराया देकर स्कूल आ-जा सकेंगी.
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मामला 12 अगस्त का है और मामा शिवराज सिंह से क्षेत्र का है. विदिशा जिले के आसपास के गांवों से छात्राएं करीब 10 से 15 किलोमीटर का सफर तय करके सिरोंज के गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल जाती हैं. उस दिन जब छात्राएं बस स्टैंड पहुंचीं तो उन्हें पता चला कि अचानक किराया 10 रुपये से बढ़ाकर 25 रुपये कर दिया गया है. सीधे इस 15 रुपये की बढ़ोतरी से छात्राएं नाराज हो गईं और उन्होंने इसके खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया.
बस स्टैंड पर आधे घंटे तक किया जोरदार प्रदर्शन
अचानक बढ़ाए गए किराए के विरोध में छात्राओं ने सिरोंज बस स्टैंड पर ही मोर्चा खोल दिया. लगभग आधे घंटे तक छात्राओं ने बस स्टैंड पर जमकर नारेबाजी की और प्रदर्शन किया. छात्राओं का कहना था कि अचानक किराया बढ़ाए जाने से उनके परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है. अगर किराया कम नहीं किया गया तो कई छात्राओं की पढ़ाई छूटने तक की नौबत आ जाएगी. प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने विधायक और बस चालकों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बच्चों को लूटना बंद करने और किराया कम करने की मांग की.
अधिकारियों के दखल के बाद हुआ मामले का समाधान
हंगामे और प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे. स्थिति को संभालते हुए एसडीएम ओम नारायण बडकुल ने खुद छात्राओं से बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुनकर उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिया. बस ऑपरेटरों ने बढ़ती ऑपरेशनल कॉस्ट का हवाला देते हुए किराया बढ़ाने के फैसले को सही ठहराने की कोशिश की थी. हालांकि, छात्राओं पर पड़ने वाले अतिरिक्त आर्थिक बोझ को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल हस्तक्षेप किया और किराए को वापस 10 रुपये करवा दिया.
विधायक ने सीएम को पत्र लिखकर की विशेष राहत की मांग
इस मामले के सामने आने के बाद स्थानीय विधायक उमाशंकर शर्मा ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को एक पत्र लिखा है. पत्र के जरिए उन्होंने स्कूली बच्चों के लिए विशेष रियायती किराए और बस पास की व्यवस्था करने की मांग उठाई है ताकि भविष्य में छात्राओं को इस तरह की समस्याओं का सामना न करना पड़े. फिलहाल सोशल मीडिया पर छात्राओं के इस प्रदर्शन और सफलता का वीडियो जमकर वायरल हो रहा है और लोग बेटियों के इस साहस की सराहना कर रहे हैं.
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