मध्यप्रदेश के विदिशा जिले के पलोहा गांव से आई एक डराने वाली तस्वीर ने हर किसी को हैरान कर दिया था. बेतवा नदी पर बने स्टॉप डैम को अपनी जान दांव पर लगाकर छलांग के जरिए पार करते मासूम स्कूली बच्चों का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था. MP Tak ने इस खबर और प्रशासनिक अनदेखी को प्रमुखता से उठाया, जिसके बाद अब जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है.
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1. स्टॉप डैम किया गया सील, सुरक्षा चौकीदार की तैनाती
मामला तूल पकड़ते ही प्रशासन ने सबसे पहले उस खतरनाक स्टॉप डैम के रास्ते को पूरी तरह से सुरक्षित और बंद कर दिया है. स्टॉप डैम पर लोहे की मजबूत रॉड लगाकर रास्ते को सुरक्षित किया जा रहा है. इस बीच मरम्मत से पहले किसी भी हादसे को रोकने के लिए मौके पर प्रशासनिक कर्मचारियों और चौकीदारों की शिफ्ट के हिसाब से ड्यूटी लगा दी गई है.
तैनात कर्मचारियों का कहना है कि अब किसी भी बच्चे या आम नागरिक को डैम से कूदकर या क्रॉस करके जाने की इजाजत नहीं दी जा रही है.
2. गांव के मिडिल स्कूल को हाई स्कूल में किया गया अपग्रेड
बच्चों के लिए सबसे बड़ी राहत और खुशी की बात यह है कि अब उन्हें आगे की पढ़ाई के लिए नदी पार करके करीब 10 किलोमीटर दूर नहीं जाना पड़ेगा. शिक्षा विभाग ने पलोहा/बनेरा गांव के मिडिल स्कूल को कक्षा 10वीं तक (हाई स्कूल) अपग्रेड कर दिया है.
नए शिक्षकों की पदस्थापना कर दी गई है ताकि सुचारू रूप से पढ़ाई चालू हो सके. जो छात्र लंबे समय से दूर जाने और खतरनाक रास्ते के डर से पढ़ाई छोड़ (Drop Out) चुके थे, उन्हें भी अब वापस मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा.
बच्चों और ग्रामीणों में खुशी की लहर
गांव के छात्रों का कहना है कि 8वीं के बाद 9वीं और 10वीं की पढ़ाई करने के लिए उन्हें जान जोखिम में डालकर डैम पार करना पड़ता था. कई बच्चों ने तो डर और दूरी के कारण पढ़ाई तक छोड़ दी थी. लेकिन अब गांव में ही हाई स्कूल शुरू हो जाने से छोटे भाई-बहनों और भविष्य के छात्रों को भी सुरक्षा के साथ शिक्षा मिल सकेगी.
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