22 अगस्त मौसम का हाल: इंदौर, भोपाल और उज्जैन में बादलों की तगड़ी घेराबंदी, जानिए आपके ज़िले में कितनी होगी बारिश!

न्यूज तक डेस्क

• 05:02 PM • 21 Aug 2026

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 22 अगस्त 2026 को पूरे मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा. पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से अति भारी बारिश और आकाशीय बिजली की चेतावनी जारी की गई है, जबकि भोपाल-इंदौर समेत पश्चिमी जिलों में गरज-चमक के साथ मध्यम से तेज बौछारें पड़ेंगी.

MP Weather 5 August
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22 August Weather Update MP: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा मौसम पूर्वानुमान बुलेटिन के अनुसार, मध्य प्रदेश में मानसून की सक्रियता लगातार बनी हुई है. पूर्वोत्तरी मध्य प्रदेश पर बने कम दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) और चक्रवातीय परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. मौसम विभाग ने 22 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में 'भारी से अति भारी बारिश' (Isolated Heavy to Very Heavy Rainfall) तथा पश्चिमी मध्य प्रदेश में 'भारी बारिश' के साथ वज्रपात (Thunderstorm & Lightning) का अलर्ट जारी किया है.

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मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून ट्रफ रेखा वर्तमान में राज्य के मध्य भागों से होकर गुजर रही है, जिसके प्रभाव से नमीयुक्त हवाएं लगातार मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों में प्रवेश कर रही हैं. इसके चलते शनिवार को प्रदेश के पूर्वी एवं पश्चिमी संभागों में हल्की से मध्यम और कई स्थानों पर तेज बारिश दर्ज की जा सकती है.

पूर्वी मध्य प्रदेश: भारी से अति भारी बारिश की संभावना

पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में 22 अगस्त को मानसूनी गतिविधियां सबसे अधिक उग्र रहने का अनुमान है. विभाग ने इन क्षेत्रों में सुरक्षा उपायों का पालन करने की सलाह दी है.

जबलपुर, कटनी और नरसिंहपुर: महाकोशल अंचल के इन जिलों में घने बादलों की मौजूदगी रहेगी. दिन भर गरज-चमक के साथ रुक-रुक कर भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है. कुछ स्थानों पर 24 घंटों के भीतर 12 से 20 सेंटीमीटर तक वर्षा दर्ज की जा सकती है.

रीवा, सतना, सीधी और सिंगरौली: विंध्य क्षेत्र में आकाशीय बिजली चमकने तथा तेज हवाओं (30-40 किमी/घंटा) के साथ भारी बारिश की संभावना है. खुले स्थानों, वृक्षों के नीचे तथा जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने के निर्देश दिए गए हैं.

छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला और बालाघाट: सतपुड़ा पर्वत श्रृंखला से सटे इन दक्षिणी-पूर्वी जिलों में मध्यम से भारी बौछारें पड़ने का अनुमान है. नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी हो सकती है, जिसको लेकर स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने को कहा गया है.

शहडोल, उमरिया और अनूपपुर: इन क्षेत्रों में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम तथा एक-दो स्थानों पर तेज वर्षा होने की संभावना जताई गई है.

पश्चिमी मध्य प्रदेश: गरज-चमक और मध्यम से भारी वर्षा

पश्चिमी मध्य प्रदेश के संभागों में भी बादल छाए रहेंगे तथा अनेक स्थानों पर बौछारें पड़ने के आसार हैं.

भोपाल, सीहोर और रायसेन: मध्य भाग के जिलों में दिनभर बादलों का पहरा रहेगा. तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी. राजधानी भोपाल में तेज गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है.

इंदौर, उज्जैन और देवास: मालवा अंचल के जिलों में सामान्य से मध्यम स्तर की बारिश दर्ज हो सकती है. हालांकि, एक-दो स्थानों पर अल्पकालिक तेज बौछारें गिर सकती हैं.

ग्वालियर, भिंड और मुरैना: चम्बल व ग्वालियर संभाग में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. दिन के समय कुछ समय के लिए धूप खिलने और उमस बढ़ने के भी आसार हैं.

नर्मदापुरम और हरदा: नर्मदा नदी के तटीय जिलों में लगातार बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ सकता है. मौसम विभाग ने तटीय इलाकों में अलर्ट रहने की चेतावनी दी है.