दुनिया की पहली ऐसी सफेद बाघिन विंध्या की मौत, जिसे मिल चुका है ये तमगा, जानें

rewa news: मध्यप्रदेश के रीवा स्थित महाराजा मार्तंड सिंह व्हाइट टाइगर सफारी में सफेद बाघिन विंध्या की लंबी बीमारी के बाद मौत हो गई. विंध्या की उम्र 16 वर्ष की थी. विंध्या के आने से ही विंध्य में लंबे अर्से बाद टाइगर की वापसी हुई थी.  03 अप्रैल 2016 में विश्व की पहली व्हाइट टाइगर […]

rewa news White Tiger Safari mp news mp wild life
rewa news White Tiger Safari mp news mp wild life

विजय कुमार

09 May 2023 (अपडेटेड: 09 May 2023, 12:51 PM)

follow google news

rewa news: मध्यप्रदेश के रीवा स्थित महाराजा मार्तंड सिंह व्हाइट टाइगर सफारी में सफेद बाघिन विंध्या की लंबी बीमारी के बाद मौत हो गई. विंध्या की उम्र 16 वर्ष की थी. विंध्या के आने से ही विंध्य में लंबे अर्से बाद टाइगर की वापसी हुई थी.  03 अप्रैल 2016 में विश्व की पहली व्हाइट टाइगर सफारी और जू का लोकार्पण हुआ था तब विंध्या यहां की पहली मादा व्हाइट टाइगर थी. विंध्या की मौत से सफारी में शोक की लहर है. सफारी और वन विभाग के अधिकारियों के साथ ही पूर्व मंत्री राजेंद्र शुक्ला टाइगर सफारी पहुंचकर विंध्या को श्रद्धांजलि देने पहुंचे. वही रामखेलावन पिछड़ा वर्ग मंत्री ने शोक संवेदनाएं व्यक्त की हैं.

Read more!

डीएफओ विपिन पटेल ने जानकारी देते हुए बताया की 16 वर्ष की विंध्या बीमार थी. उसका इलाज चल रहा था. उसने खाना छोड़ दिया था. उसकी आज तड़के मौत हो गई. सफारी में ही उसका अंतिम संस्कार किया गया. अंतिम संस्कार शाम 4 बजे किया गया. विंध्या की मृत्यु के पूर्व सफारी में कुल 5 व्हाइट टाइगर थे.

इनमें से विंध्या सहित दो की मौत हो चुकी है. अब सिर्फ राधा नाम की एक सफेद बाघिन बची है और उसके दो शावक जिंदा हैं. इस प्रकार तीन सफेद बाघ ही अब सफाई में बचे हैं.

आपको बता दें कि दुनिया की इकलौती व्हाइट टाइगर सफारी मुकुंदपुर बाघों के लिए जानलेवा साबित हो रही है. लाॅकडाउन के दौरान ही 5 बाघ और 2 शावकों ने दम तोड दिया था. तब स्कूल ऑफ वाइल्ड फोरेंसिक एण्ड हेल्थ नाना जी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर के चिकित्सकों ने बाघों के ब्लड सैपल लिये थे तो तब उनमें बीमारी और इंफेक्शन पाए गए थे. हालांकि विंध्या की मौत को लेकर विशेषज्ञ बता रहे हैं कि वह अपनी उम्र पूरी कर चुकी थी. काफी बुजुर्ग थी और बीमार थी. इसलिए उसकी मौत हुई है.

सफारी में इन बाघों की अब तक हो चुकी है मौत
दुर्गा, बंधू,  देविका, दो शावक, गोपी और  नकुल नाम के बाघों की मौत 2020 से अब तक अलग-अलग समय अंतराल में हो चुकी है. दुर्गा और नकुल एक साथ औरंगाबाद जू से लाये गए थे. वही मैत्री बाग से गोपी और सोनम लाई गई थी. इसमें गोपी की मौत हो चुकी है. गोपी की मौत इन्फेक्शन की वजह से हुई थी. सोनम और अन्य बाघों ठीक हालत में बताए गए हैं.

ये भी पढ़ें- आंखों देखी: बस हादसे में फरिश्ता बन गए ये 3 युवक, अगर नहीं पहुंचते तो बढ़ जाते मरने वाले

ये भी पढ़ें- कूनो नेशनल पार्क में मेटिंग के दौरान लड़ पड़े चीते, मादा की मौत; देखते रह गए वन अफसर

    follow google news