फिल्मों में आपने 'रहमान डकैत' का नाम सुना होगा, लेकिन असल जिंदगी का खतरनाक रहमान डकैत अब पुलिस के शिकंजे में है. भोपाल के कुख्यात 'ईरानी डेरा' का सरगना राजू ईरानी उर्फ रहमान डकैत, जिसे छह राज्यों की पुलिस ढूंढ रही थी, उसे सूरत क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया है. वह सूरत में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था लेकिन पुलिस की मुस्तैदी ने उसे दबोच लिया.
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ऐसे चढ़ा पुलिस के हत्थे
सूरत क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर जे.एन. गोस्वामी को एक गुप्त सूचना मिली थी कि भोपाल का बड़ा अपराधी शहर में छिपा है. जानकारी मिलते ही पुलिस ने जाल बिछाया और कुछ ही घंटों में उसे गिरफ्तार कर लिया.
डीसीपी भावेश रोजिया के मुताबिक, पकड़े गए अपराधी का असली नाम अब्बास अली है, जिसे जुर्म की दुनिया में लोग राजू ईरानी या रहमान डकैत के नाम से जानते हैं.
छह राज्यों में फैला था आतंक का नेटवर्क
रहमान डकैत कोई छोटा-मोटा चोर नहीं था बल्कि एक बड़े क्राइम नेटवर्क का मास्टरमाइंड है. उसके अंडर छह से ज्यादा गैंग काम करते हैं, जो देश के 14 राज्यों में एक्टिव हैं. यह खुद तय करता था कि किस राज्य में कौन सी गैंग जाएगी और क्या काम करेगी. इसके गुर्गे कभी पुलिस वाले बनकर बुजुर्गों को ठगते तो कभी नकली चेकिंग के नाम पर गहने और कैश पार कर देते थे.
लग्जरी लाइफ का शौकीन
जुर्म की काली कमाई से राजू ईरानी बेहद लग्जरी जिंदगी जीता था. उसे महंगी कारों, बाइक्स और घोड़ों का शौक है. वह खुद वारदातों में कम जाता था, लेकिन पीछे से पूरा प्लान तैयार करता था. उसके खिलाफ लूट, डकैती, ठगी और अवैध कब्जे जैसे 10 से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज हैं.
एक बार तो भोपाल में साबिर नाम के एक व्यक्ति ने पुलिस को इस गैंग की जानकारी दी थी. इसी बात से नाराज होकर राजू ईरानी और उसके भाई पर आरोप है कि उन्होंने साबिर को घर के अंदर जिंदा जलाने की कोशिश की. इसमें केस में भी वह आरोपी है.
भोपाल से फरार होकर पहुंचा था सूरत
दिसंबर के आखिरी हफ्ते में भोपाल पुलिस ने ईरानी डेरा में बड़ा कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया था. करीब 150 लोगों की जांच हुई और 34 संदिग्ध पकड़े गए, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं. हालांकि, राजू ईरानी तब फरार हो गया था. फिलहाल, पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और उम्मीद है कि कई बड़े राज सामने आएंगे.
कई राज्यों की पुलिस अलर्ट
फिलहाल आरोपी सूरत क्राइम ब्रांच की हिरासत में है. उससे लगातार पूछताछ की जा रही है. साथ ही, अलग-अलग राज्यों की पुलिस उसकी पुरानी फाइलें और नेटवर्क से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है.
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