MP Election 2023: मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग हुए पांच दिन बीत चुके हैं लेकिन चंबल में अभी भी अशांति का माहौल बना हुआ है. दिमनी विधानसभा सीट पर वोटिंग के दिन जमकर हंगामा, तोड़फोड़, गोलीबारी, पथराव हुआ था और दिमनी में हुई वोटिंग को लेकर बीजेपी प्रत्याशी एवं केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर पर कई आरोप लगे थे और आरोप कांग्रेस प्रत्याशी रविंद्र सिंह तोमर पर भी लगे कि इतने हंगामे के बीच वे वोटिंग के दिन गायब थे और उनकी मिलीभगत नरेंद्र सिंह तोमर के साथ हुई है. इन आरोपों पर सफाई देने रविंद्र सिंह तोमर बुधवार को मीडिया के सामने आए.
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रविंद्र सिंह तोमर ने मीडिया के सामने गंगाजल उठाकर दावा किया कि वो उतने ही पवित्र हैं, जितना ये गंगाजल पवित्र है. बीजेपी प्रत्याशी नरेंद्र सिंह तोमर के साथ उनकी कोई मिलीभगत नहीं है बल्कि उन्होंने नरेंद्र सिंह तोमर पर आरोप लगाया है कि उन्होंंने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके पूरी तरह से चुनाव को डिस्टर्ब किया.
रविंद्र सिंह तोमर बताते हैं कि नरेंद्र सिंह तोमर ने अपनी पसंद के कलेक्टर, एसपी, सहित तमाम अधिकारी तैनात किए और फिर उन्होंने नरेंद्र सिंह तोमर के इशारे पर दिमनी में वोटिंग पूरी तरह से डिस्टर्ब कर दी.
रविंद्र सिंह तोमर ने आरोप लगाया कि नरेंद्र सिंह तोमर ने वोटिंग के दिन अपराधियों को विधानसभा इलाके में फैला दिया. उन्होंने लोगों को घरों से निकलने से रोका. मारपीट की. धमकाया और पोलिंग बूथ से उन वोटरों को लौटा दिया जो कांग्रेस को वोट देने पहुंचे थे. नरेंद्र सिंह तोमर ने लोकतंत्र की हत्या कर दिमनी में मनमानी से वोटिंग कराई और ये सब निर्वाचन आयोग मूकदर्शक बनकर देखता रहा.
रविंद्र सिंह तोमर सफाई देते हैं कि जिस दिन ये सब हो रहा था, उन्होंने निर्वाचन आयोग को लिखित में शिकायत देकर मांग की है कि दिमनी की 97 सीटों पर री-पोल कराया जाए. क्योंकि ये संवदेनशील पोलिंग बूथ थे लेकिन शिकायत के बाद भी वोटिंग के दिन यहां से सुरक्षाकर्मी गायब थे और सिर्फ एक सिपाही को हंगामे के बाद मौके पर भेजा गया था.
रविंद्र सिंह तोमर को देनी पड़ी ईमानदार होने की सफाई
रविंद्र सिंह तोमर पर प्रेस वार्ता के दौरान ही आरोप लगे कि तोमर होने की वजह से सभी तोमरों के बीच आपसी समझौता हो गया था और रविंद्र सिंह तोमर ने बीजेपी प्रत्याशी नरेंद्र सिंह तोमर के साथ मिलीभगत कर ली थी. इसलिए वे वोटिंग के दिन इतने हंगामे के बाद भी न तो वे मौके पर दिखाई दिए और न ही उनके कार्यकर्ता दिखे. रविंद्र सिंह तोमर पर आरोप लगे कि पोलिंग बूथ पर उनके कार्यकर्ता मौके से ही गायब थे, जबकि नाबालिग बच्चों काे लाकर भी बीजेपी के पक्ष में वोटिंग कराई जा रही थी. इस पर रविंद्र सिंह तोमर ने कहा कि ये सभी आरोप गलत हैं और उनके कार्यकर्ता हर पोलिंग बूथ पर मौजूद थे.
रविंद्र सिंह तोमर ने कहा कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है और नरेंद्र सिंह तोमर और उनके लोग ही ये अफवाह फैला रहे हैं कि रविंद्र सिंह तोमर बीजेपी प्रत्याशी के आगे सरेंडर हो गया. जिसको भी संदेह हो मेरा मोबाइल रख ले और कॉल डिटेल निकलवा ले, खुद जांच कर लें कि मैं किस से बात कर रहा था और किस से नहीं. मुरैना एसपी ने बीजेपी एजेंट की तरह यहां काम किया है. हंगामे की हर खबर वोटिंग के दिन विवेक तन्खा और कमलनाथ को दी गई थी.
री-पोल नहीं कराया तो कांग्रेस जाएगी हाईकोर्ट- रविंद्र सिंह तोमर
रविंद्र सिंह तोमर ने कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने लोकतंत्र की हत्या करके जिस तरह से दिमनी का चुनाव कराया है, वैसा कभी नहीं हुआ. ये लोकतंत्र नहीं है. इनका लोकतंत्र में विश्वास नहीं है. दिमनी के चुनाव में भाजपा ने लोकतंत्र की हत्या की है. भाजपा ने अपराधियों को सहारा देकर कमजोर और दलित वर्ग के लोगों को वोट डालने से रोका. वोटरों को घर से भी निकलने नहीं दिया और इस पूरे सीन को कलेक्टर, एसपी और निर्वाचन आयोग मूकदर्शक बनकर देखते रहे. पोलिंग डंप की गई और 97 पोलिंग को संवदेनशील बोलकर सुरक्षा मांगी थी लेकिन नहीं मिली और एक सिपाही के भरोसे ये पोलिंग बूथ छोड़ दिए गए.
रविंद्र सिंह तोमर आरोप लगाते हैं कि केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर के बेटे का वीडियो वायरल हुआ और पता चला कि इन लोगों ने भ्रष्टाचार किस स्तर पर किया है. दिमनी चुनाव की धांधलियों की शिकायत निर्वाचन आयोग से की है. 97 पोलिंग पर री-पोल की मांग निर्वाचन आयोग से की है और यदि ऐसा नहीं हुआ तो कांग्रेस हाईकोर्ट में दस्तक देगी.
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