ज्योतिरादित्य सिंधिया पर क्यों है बड़ी जीत दर्ज करने का दबाव? चुनाव विश्लेषक योगेंद्र यादव ने किया खुलासा

Guna Lok Sabha Seat: चुनाव विश्लेषक योगेंद्र यादव ने एमपी तक से चर्चा में बताया कि आखिर क्यों ज्योतिरादित्य सिंधिया पर इस चुनाव में बड़ी जीत दर्ज करने का दबाव है. योगेंद्र यादव का मानना है कि सिंधिया को बीजेपी में अपना इंपैक्ट छोड़ने के लिए जरूरी हो जाता है कि उनकी जीत काफी बड़ी हो.

Jyotiraditya Scindia, Yogendra Yadav
Jyotiraditya Scindia, Yogendra Yadav

एमपी तक

• 05:37 PM • 29 May 2024

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Yogendra Yadav: चुनाव विश्लेषक योगेंद्र यादव ने एमपी तक से चर्चा में बताया कि आखिर क्यों ज्योतिरादित्य सिंधिया पर इस चुनाव में बड़ी जीत दर्ज करने का दबाव है. योगेंद्र यादव का मानना है कि सिंधिया को बीजेपी में अपना इंपैक्ट छोड़ने के लिए जरूरी हो जाता है कि उनकी जीत काफी बड़ी हो. योगेंद्र यादव बताते हैं कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को यदि बीजेपी के अंदर अपना प्रभाव छोड़ना है तो उनको हर हाल में डेढ़ से दो लाख मतों से जीत दर्ज करनी होगी.

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योगेंद्र यादव बताते हैं कि 2019 में ज्योतिरादित्य सिंधिया जब कांग्रेस में थे और कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर जब उन्होंने गुना-शिवपुरी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था, तब उनको सवा लाख से अधिक मतों से हार झेलना पड़ी थी और वह भी उनके ही एक भूतपूर्व कार्यकर्ता डॉ. केपी यादव से, जिन्हें उस समय बीजेपी ने अपना उम्मीदवार बनाया था.

लेकिन बीजेपी में आने के बाद से सिंधिया की पोजीशन में काफी बदलाव आया है. उन्होंने अपने अंदर भी कई बदलाव किए और जनता के बीच खुद की छवि को जननेता की बनाने की भरसक कोशिश की है. इस बार लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने उनके सामने यादवेंद्र सिंह यादव को खड़ा किया था जो सिंधिया के सामने अपेक्षाकृत कमजोर उम्मीदवार ही लगे.

सिंधिया को छोड़ना होगा बड़ी जीत से अपना प्रभाव

सिंधिया अब बीजेपी में हैं. बीजेपी के सभी बड़े दिग्गजों ने उनके लिए चुनाव प्रचार किया. पीएम नरेंद्र मोदी से लेकर गृहमंत्री अमित शाह तक सभी ने सिंधिया को हाथों हाथ लिया और बीजेपी के अंदर बड़ी पोजीशन दी. ऐसे में अब जरूरी हो जाता है कि सिंधिया कम से कम डेढ़ से दो लाख वोटों से जीत दर्ज करें, जिससे उनकी पुरानी हार को जनता के दिलो दिमाग से मिटाया जा सके और नई बड़ी जीत सिंधिया को एक बार फिर से उनकी परंपरागत सीट पर स्थापित कर सके. योगेंद्र यादव का कहना है कि सिंधिया जीतते तो नजर आ रहे हैं लेकिन ये जीत डेढ़ से दो लाख वोटों से होनी चाहिए, तभी उनकी जीत को जीत कहा जाएगा. यदि कुछ हजार वोटों से सिंधिया जीतते हैं तो फिर उसे सिंधिया की जीत नहीं बोला जाएगा.

अब देखना होगा कि 4 जून को आने वाले परिणाम गुना-शिवपुरी सीट का रिजल्ट किस तरह का दिखाते हैं.

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